Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले का जिक्र होने पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने नाराजगी जताई है. उन्होंने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील से सवाल किया कि क्या वह इस मामले को लेकर न्यूज चैनलों से बात करके आए हैं? अदालत में हुई इस टिप्पणी के बाद मामला चर्चा में आ गया.
दरअसल, वकील ने राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़ी याचिका का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की मांग की. इस दौरान राहुल गांधी के एक बयान का भी हवाला दिया गया. जिसमें कथित तौर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अधिकारियों से जुड़े संपर्कों की बात कही गई थी.
इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने याचिका के आधार और उसे अदालत में पेश करने के तरीके पर सवाल उठाए. उन्होंने टिप्पणी की कि आवेदन में न तो कोई स्पष्ट शुरुआत नजर आती है और न ही कोई ठोस निष्कर्ष दिखाई देता है. अदालत की नाराजगी मुख्य रूप से मामले को उठाने के तरीके को लेकर थी.
मेंशनिंग की लाइव स्ट्रीमिंग बंद करने का निर्देश
इस सुनवाई के दौरान सीजेआई ने अदालत के कर्मचारियों को मामलों की मेंशनिंग की लाइव स्ट्रीमिंग बंद करने का निर्देश भी दिया. मेंशनिंग वह प्रक्रिया है, जिसमें वकील किसी मामले को जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध करते हैं. सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश से अदालत की शुरुआती कार्यवाही के प्रसारण पर भी चर्चा शुरू हो गई.
क्या है राहुल गांधी के खिलाफ मामला?
यह मामला कर्नाटक के बीजेपी कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की याचिका से जुड़ा है. याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी और उनके परिवार के कुछ सदस्यों की संपत्ति को लेकर सवाल उठाए थे, इसके साथ ही जांच की मांग की थी. हालांकि, ये आरोप हैं और इन्हें अदालत में साबित किया जाना बाकी है.
मई 2026 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने CBI और ED को आरोपों का नियमानुसार सत्यापन करने को कहा था. इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था.
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