Kakarala Samatha surrendered: रायपुर. साउथ की 300 फिल्मों में काम करने वाले एक बड़े साउथ के एक्टर की नक्सली बेटी काकराला समथा ने सरेंडर कर दिया है. ये सरेंडर उन्होंने तेलंगाना में किया और वे 40 साल से माओवादी संगठन में सक्रिय थी.
काकराला समथा ने तेलंगाना DGP सी.वी.आनंद के मुलुगु दौरे के दौरान औपचारिक रूप से सरेंडर किया. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, समथा संगठन की आखिरी वरिष्ठ महिला विचारधारक मानी जाती थीं। जानकारी के मुताबिक 40 वर्षों के अपने भूमिगत जीवन के दौरान उन्होंने हैदराबाद, नल्लामाला के जंगलों, उत्तर प्रदेश-बिहार के पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो और अहमदाबाद से पुणे तक के औद्योगिक गलियारों में विभिन्न जिम्मेदारियों को संभाला.
मिला 20 लाख रुपए का चेक
तेलंगाना सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति (Surrender and Rehabilitation Policy) के तहत समथा को 20 लाख रुपए की कुल पुरस्कार राशि का चेक और 25,000 रुपए की तत्काल सहायता राशि सौंपी गई. सरकार की नीति के अनुसार उन्हें आगे भी पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जाएगा.
गद्दर और वरवर राव से प्रभावित होकर जुड़ी थीं आंदोलन से
आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी (आर्यापुरम) की रहने वाली समथा के पिता काकराला सत्यनारायण तेलुगु सिनेमा के जाने-माने अभिनेता हैं, जिन्होंने लगभग 300 फिल्मों में काम किया है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, समथा के किशोरावस्था के दौरान प्रसिद्ध क्रांतिकारी कवि वरवर राव और जन-गायक गद्दर अक्सर उनके घर आते-जाते थे. इन्हीं सांस्कृतिक हस्तियों के प्रभाव में आकर वे आंदोलन की ओर आकर्षित हुईं.
ये है काकराला समथा की पूरी पृष्ठभूमि
1984: चेन्नई में एक कट्टरपंथी छात्र संगठन से जुड़ीं.
1985: सीपीआई (एमएल) पीपुल्स वॉर में औपचारिक रूप से शामिल हुईं.
1991: एरिया कमेटी मेंबर (ACM) बनीं.
1994: जिला/डिविजनल कमेटी मेंबर के रूप में पदोन्नत हुई.
2003: माओवादियों की तेलंगाना स्टेट कमेटी मेंबर (SCM) बनाई गईं.
2026 में अब तक 265 माओवादियों का सरेंडर
मामले की जानकारी देते हुए DGP सी.वी. आनंद ने बताया कि वर्ष 2026 में तेलंगाना में अब तक 265 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिनके पास से 238 हथियार भी बरामद किए गए हैं. सरेंडर करने वालों में 3 सेंट्रल कमेटी मेंबर, 12 स्टेट कमेटी मेंबर और 81 रीजनल कमेटी मेंबर शामिल हैं. DGP ने कहा कि अब राज्य से ताल्लुक रखने वाले केवल 3 सक्रिय कैडर ही संगठन में बचे हैं, जिनमें वरिष्ठ माओवादी नेता मुप्पला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति भी शामिल है. DGP ने बचे हुए माओवादियों से भी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने और सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की है.
