Trinamool Congress: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच सोशल मीडिया को लेकर बड़ा सियासी घमासान देखने को मिल रहा है. टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि वह सोशल मीडिया के जरिए राज्य में डर और नफरत का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद बंगाल में जिस तरह की राजनीतिक तनातनी बढ़ी है, उसमें सोशल मीडिया को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है.
कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि बीजेपी समर्थित कई सोशल मीडिया अकाउंट्स लगातार टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं. उनके मुताबिक फर्जी खबरें, पुराने वीडियो और भड़काऊ पोस्ट शेयर कर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।. टीएमसी का आरोप है कि इससे बंगाल की कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो रहा है.
चुनाव नतीजों के बाद तेज हुए राजनीतिक हमले
दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद राज्य की राजनीति और ज्यादा आक्रामक हो गई है. चुनाव नतीजों को लेकर टीएमसी लगातार सवाल उठा रही है. पार्टी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया, हिंसा और कथित राजनीतिक दबाव को लेकर बीजेपी पर कई आरोप लगाए हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, पोस्ट और राजनीतिक अभियानों ने विवाद को और तेज कर दिया.
क्या कह रहे हैं टीएमसी नेता
टीएमसी नेताओं का कहना है कि बीजेपी सोशल मीडिया के जरिए यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि राज्य में टीएमसी कमजोर पड़ रही है, जबकि पार्टी अब भी जनता के बीच मजबूत है. वहीं बीजेपी का आरोप है कि टीएमसी अपनी राजनीतिक जमीन खिसकने के बाद सोशल मीडिया और मीडिया पर सवाल उठाकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रही है.
बंगाल में जुबानी जंग तेज
बंगाल में हाल के दिनों में कई घटनाओं के वीडियो वायरल हुए, जिनमें राजनीतिक हिंसा, पुलिस कार्रवाई और नेताओं के बयान शामिल रहे हैं. इन्हीं मामलों को लेकर दोनों दल आमने-सामने हैं. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि आने वाले समय में बंगाल की राजनीति में सोशल मीडिया सबसे बड़ा हथियार बन सकता है, क्योंकि अब लड़ाई सिर्फ सड़कों पर नहीं बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी खुलकर लड़ी जा रही है.
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