Rahul Gandhi On Ranchi Protest: दिल्ली में राहुल गांधी ने आज सोमवार को प्रेसवार्ता की है. इस दौरान उन्होंने रांची प्रोटेस्ट में हुए लाठीचार्ज को लेकर कहा कि हम शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा की निंदा करते हैं. शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने के अधिकार के समर्थन में खड़े हैं.
राहुल गांधी ने कहा, “इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि प्रदर्शन कहां हो रहा है, हम इसकी निंदा करते हैं, हम इसके खिलाफ हैं, हम इसकी सलाह नहीं देते और न ही इसका समर्थन करते हैं. जब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो रहा है, तब तक उस प्रदर्शन पर हिंसात्मक कार्रवाई करना, हम इसके बिल्कुल खिलाफ हैं.”
#WATCH | दिल्ली | कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज पर कहा, "झारखंड के छात्रों के लिए मेरा संदेश साफ है कि हम शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की हिंसा की… pic.twitter.com/6Y7pJUdgz1
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 10, 2026
राहुल गांधी ने कहा, “सवाल यह नहीं था कि अमित शाह संसद में आकर कुछ आम विषयों पर भाषण देंगे. सवाल हमेशा यह रहा है कि अमित शाह को यह साफ करना होगा कि दिल्ली में हमारे युवाओं पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया था? पेलेट गन चलाई गईं, छात्रों को कील लगी लाठियों से पीटा गया. उन्हें साफ-साफ बताना चाहिए. क्या उन्होंने इसका आदेश दिया था या नहीं? अगर उन्होंने आदेश दिया था, तो हमारे बच्चों पर गोली चलवाने के लिए वे दोषी हैं. और अगर उन्हें इस घटना के बारे में पता नहीं था, तो वे अयोग्य हैं.”
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उन्होंने आगे कहा, “दोनों ही सूरतों में, उन्हें पद छोड़ देना चाहिए. यही चर्चा का विषय था. दूसरी बात, जो हुआ है उसके लिए प्रधानमंत्री माफी मांगें और तीसरी बात राम मंदिर में चोरी का मुद्दा था. प्रधानमंत्री के बहुत करीबी लोगों ने राम मंदिर में चोरी की है. ये तीन मुद्दे हैं. तो अब अमित शाह अचानक कह रहे हैं कि वे बोलने को तैयार हैं. हमें उनकी मनगढ़ंत बातों में कोई दिलचस्पी नहीं है. हमें इस बात में दिलचस्पी है कि क्या उन्होंने हमारे बच्चों पर गोली चलाने का आदेश दिया था या नहीं. सबसे पहले, उन्हें यह बात पूरी तरह साफ करनी चाहिए. उसके बाद ही किसी चर्चा का सवाल उठता है. यही स्थिति है और विपक्ष यही मांग कर रहा है. हम पिछले 15 दिनों से यही मांग कर रहे हैं.”
