CV Ananda Bose Resigned: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है. उनके इस निर्णय के पीछे अब तक वजह साफ नहीं हो पाई है. इस्तीफा देने के बाद वे दिल्ली रवाना हो गए हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हां मैंने इस्तीफा दे दिया है. मैं बंगाल का 3.5 साल तक गवर्नर रहा. ये मेरे लिए काफी है.
अब किसे मिलेगी जिम्मेदारी?
सबसे बड़ा सवाल है कि सीवी आनंद बोस के इस्तीफा देने के बाद अब राज्यपाल की जिम्मेदार कौन संभालेगा? तमिलनाडु के गवर्नर आरएन रवि को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने भी इस्तीफा दे दिया है. हैरान करने वाली बात ये है कि उनके इस्तीफे की वजह भी साफ नहीं हो पाई है.
कौन हैं सीवी आनंद बोस?
सीवी आनंद बोस केरल से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता क्रांतिकारी सुभाषचंद्र बोस से प्रभावित थे इसलिए उन्होंने अपने नाम के आगे बोस लगा लिया था. सीवी आनंद बोस 1977 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. केरल में सर्विस के दौरान कई विभागों में अपनी सेवाएं दीं, इनमें शिक्षा, वन एवं पर्यावरण, श्रम, सामान्य प्रशासन और राजस्व शामिल हैं. वे केरल के मुख्यमंत्री के सचिव भी रहे. उन्होंने 23 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के तौर पर पदभार ग्रहण किया था.
सीएम ममता बनर्जी ने जताई हैरानी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल के इस्तीफे पर हैरानी जताई है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके उन्होंने लिखा कि गवर्नर सीवी आनंद बोस के इस्तीफे की अचानक मिली खबर से हैरान और परेशान हूं.
ममता बनर्जी ने पोस्ट में लिखा कि उनके इस्तीफे की वजह नहीं पता चल सकी हैं. हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए, मुझे हैरानी नहीं होगी अगर आने वाले राज्य विधानसभा चुनावों से ठीक पहले गवर्नर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने कुछ राजनीतिक फायदे के लिए दबाव डाला हो.
I am shocked and deeply concerned by the sudden news of the resignation of Shri C. V. Ananda Bose, the Governor of West Bengal.
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) March 5, 2026
The reasons behind his resignation are not known to me at this moment. However, given the prevailing circumstances, I would not be surprised if the…
केंद्रीय मंत्री ने मुझे जानकारी दी
सोशल मीडिया पोस्ट में सीएम ने लिखा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने अभी मुझे बताया कि आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का गवर्नर बनाया जा रहा है. पहले तय नियमों के मुताबिक उन्होंने मुझसे इस बारे में कोई सलाह नहीं ली है.
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उन्होंने आगे लिखा कि ऐसे काम भारत के संविधान की भावना को कमजोर करते हैं और हमारे संघीय ढांचे की बुनियाद पर ही हमला करते हैं. केंद्र को कोऑपरेटिव फ़ेडरलिज़्म के सिद्धांतों का सम्मान करना चाहिए और ऐसे एकतरफा फैसले लेने से बचना चाहिए जो लोकतांत्रिक रिवाजों और राज्यों की गरिमा को कमजोर करते हैं.
