Teachers’ Day 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शिक्षक दिवस के अवसर पर दिल्ली में नेशनल अवॉर्ड पाने वाले शिक्षकों से बातचीत की. इस दौरान का वीडियो भी सामने आया है. जिसमें पीएम मोदी कई मसलों पर बात करते दिखाई दे रहे हैं. जानें पीएम मोदी की शिक्षकों से क्या बातचीत हुई?
पीएम मोदी ने नेशनल अवॉर्ड पाने वाले शिक्षकों से बातचीत के दौरान अपनी पब्लिक स्पीकिंग स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए सुझाव मांगा. पीएम मोदी ने पूछा, “अगर मैं आपके यहां विद्यार्थी होता और एक कुशल वक्ता बनना चाहता, तो आप मुझे क्या सुझाव देतीं? मुझे क्या करना चाहिए?” इस पर एक शिक्षिका ने जवाब दिया, “सबसे पहले, आपमें आत्मविश्वास होना चाहिए. आत्मविश्वास बहुत ज्यादा अभ्यास से आता है. आपका व्यक्तित्व देखकर मैं खुद भी थोड़ी घबरा गई थी.”
#WATCH | Delhi: While interacting with one of the National Awardee Teachers, Prime Minister Narendra Modi says, "…Screen time has now become a form of addiction. A thought occurs to me: if a child begins to take a keen interest in sports, and by sports, I don't mean video… pic.twitter.com/o7tnvSYOs0
— ANI (@ANI) September 5, 2026
स्क्रीन टाइम को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?
इस दौरान पीएम मोदी ने एक और टीचर से बात करते हुए स्क्रीन टाइम को लेकर बात की. पीएम मोदी ने कहा, “स्क्रीन टाइम अब एक प्रकार की लत बन गया है. मेरे मन में एक विचार आता है या तो वो बच्चा खेलों में गहरी रूचि लेने लगे. खेलों से मेरा मतलब वीडियो गेम नहीं, बल्कि मैदान पर असल खेलों से है तो हो सकता है कि वह धीरे-धीरे इस लत से बाहर निकल आए. इस संदर्भ में, हम बच्चों को जितना ज्यादा रचनात्मक कामों में लगाएंगे, हमें ऐसे प्रोग्राम बनाने की आदत डालनी चाहिए जो इसे बढ़ावा दें.”
ये भी पढ़ेंः स्कूल से राष्ट्रपति भवन तक का सफर! जान लीजिए क्यों हर साल 5 सितंबर को मनाते हैं टीचर्स डे
शिक्षक का काम बचपन बना रहे
पीएम मोदी ने आगे कहा, “मैं आप सभी से बात कर रहा हूं, लेकिन मैं पूरे शिक्षा जगत से ये कहना चाहता हूं कि हमें पहले से ज्यादा किताबों और सिलेबस से बाहर निकलकर बच्चों की जिंदगी में घुसना होगा. बचपन मरने नहीं देना चाहिए. बचपन बनाए रखने का सबसे बड़ा काम शिक्षक कर सकता है. शिक्षक का काम है कि उसके अंदर बचपन बना रहे.”
