What is kali: भारत दुनिया का सबसे खतरनाक और आधुनिक हथियार अपना ‘सुदर्शन चक्र’ तैयार कर रहा है. ‘सुदर्शन चक्र’ के आने के बाद दुश्मन देश भारतीय सीमा में घुसने की हिम्मत नहीं कर पाएंगे. उन्हें हजार बार सोचना पड़ेगा. इन सब आधुनिक हथियारों के साथ भारत काली प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है. काली भारत का बेहद यूनिक तकनीक का हथियार है. चीन के पास भी ऐसा कोई हथियार नहीं है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर क्या है काली?
क्या है काली?
भारत का काली (Kilo Ampere Injector) बहुत ही एडवांस सिस्टम है, जो आधुनिक युद्ध का नया चेहरा है. काली में इतनी क्षमता है कि वह लेजर या हाई-पावर माइक्रोवेव से दुश्मन के इलेक्टॉनिक सिस्टम को बिना किसी फिजिकल नुकसान के सीधे खत्म कर सकता है. ऐसा सिस्टम दुनिया में चीन के पास भी नहीं है. यह इतना खतरनाक है कि अगर इसकी किरणें ही किसी ऑब्जेक्ट पर पड़ जाएं तो वह गल जाएगा.
DRDO ने 1989 में किया था विकसित
जानकारी के अनुसार इसे DRDO और बार्क (भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर) ने साल 1989 में बिकसित किया था. यह बाकी हथियारों से काफी अलग है. जो किलोएम्पियर रेंज में हाई-करंट इलेक्ट्रॉन बीम पैदा करता हैं. इसमें मौजूद सिस्टम मार्क जेनरेटर से हाई-बोल्टेज पल्स बनाते हैं.
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काली कितना खतरनाक है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अगर यह जे-20 जैसे एडवांस स्टील्थ फाइटर जेट पर भी पड़े, तो उसके सभी महत्वपूर्ण सिस्टम जल कर खत्म हो जाएंगे. यानी अब उसका AESA रडार, फ्लाई-बय-वायर कम्प्यूटर समेत अन्य इलेक्ट्रानिक सामान काम करना बंद कर देंगे. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह फिजिकली डैमेज नहीं करता है.
क्या होंगी चुनौतियां?
भले ही काली काफी ताकतवर है, लेकिन उसके सामने भी कुछ चुनौतियां मिल ही जाएंगी. काली को ऑपरेट करने में अन्य हथियारों की तुलना में थोड़ी दिक्कत आती है. इसके अलावा इसका वजन भी काफी ज्यादा है, जिसके लिए कूलिंग और पावर की सुविधाओं की जरूरत है. इसका वजह करीब 26 टन है, जिसकी वजह से इसको लाने ले जाने में भी काफी समस्या होती है. इसके अलावा इसकी रेंज भी काफी कम है और एक शॉर्ट के बाद दूसरा शॉर्ट दागने में समय लगता है, जिसका फायदा दुश्मन देशों को मिल सकता है.
