What is Saptadhara: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से शक्ति की सप्तधारा का जिक्र किया है. इस दौरान उन्होंने देश को नई दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया. क्या हैं शक्ति की ये सप्तधाराएं? ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है.
भारत की आजादी के जश्न में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शक्ति की सप्तधारा का आह्वान किया. इस दौरान उन्होंने युवाओं के बड़े बदलावों के लिए आगे आने और देश को विकसित बनाने में सहयोग करने की अपील की है. पीएम मोदी ने कहा कि जो काम 5 से 7 दशकों में नहीं पूरा हुआ. वह अब 5-7 सालों में पूरा हो जाएगा.
क्या हैं शक्ति की ये सप्तधाराएं?
- पहली शक्ति- मैन्युफैक्चरिंग पावरः पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल स्टैंडर्ड को पूरा करने की लागत, क्वालिटी और स्केल के मामले में बहुत प्रतिस्पर्धी होना होगा.
- दूसरी शक्ति- कृषि, फूड प्रोडक्शनः कृषि और फूड प्रोडक्शन पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश को ग्लोबल ब्रांड बनाने की जरूरत है.
- तीसरी शक्ति- तकनीक, इनोवेशनः पीएम मोदी ने तकनीक और इनोवेशन पर ध्यान देने की जरूरतों पर जोर देने की बात कही है.
- चौथी शक्ति- गति शक्तिः आने वाले सालों में तेज और बिना किसी रुकावट वाली कनेक्टिविटी पर ध्यान देने की जरूरत है.
- पांचवीं शक्ति- रक्षा शक्तिः ड्रोन और सुपरसोनिक टेक्नोलॉजी के लिए अगली पीढ़ी की डिफेंस टेक्नोलॉजी के हिसाब से काम करने की जरूरत.
- छठी शक्ति- ग्रीन और ब्लू इकोनॉमीः ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी के लिए रिसोर्स.
- सातवीं शक्ति- सॉफ्ट पावरः टूरिज्म, क्रिएटिव रिसोर्स, आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थ और योग को पहचान दिलाने के लिए काम करना.
ये भी पढ़ेंः पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से रखा अगले 5 साल का खाका, दिया 12 साल के कामकाज का हिसाब
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले समय में समाज, किसान और हर किसी को अपनी पारंपरिक व्यवस्थाओं में बदलाव लाने होंगे. विकसित भारत बनाने के लिए नई धारा की जरूरत है. उन्होंने कहा कि भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का भरोसेमंद केंद्र बनाना है.
