विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट क्यों चुनी? खुद बताया

Bengal Election 2026: ममता बनर्जी के सामने मुकाबला करने के लिए भाजपा से सुवेंदु अधिकारी चुनावी मैदान में हैं, जो 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को हरा चुके हैं. एक बार फिर वे मुकाबला करने के लिए तैयार हैं.
Mamata Banerjee

ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट से ही चुनाव क्यों लड़ा?

Bhawanipur Assembly Election: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं. सभी राजनैतिक दलों ने पूरे दमखम के साथ तैयारियां शुरू कर दी हैं. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी दक्षिण कोलकाता जिले की भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में हैं. भवानीपुर क्षेत्र वर्तमान में टीएमसी का गढ़ माना जाता है. ऐसा नहीं है कि यह हमेशा से ही टीएमसी का गढ़ रहा है. कई दशकों तक यहां एकतरफा कांग्रेस का बोलबाला रहा है, लेकिन मौजूदा हालात बिल्कुल अलग हैं. यहां जानें ममता बनर्जी ने क्यों खुद के लिए भवानीपुर विधानसभा चुना?

भवानीपुर सीट पर खुद ममता बनर्जी उम्मीदवार हैं. भवानीपुर टीएमसी का गढ़ होने के बावजूद भी ममता पूरी ताकत झोंक रही हैं. उनके सामने मुकाबला करने के लिए भाजपा से सुवेंदु अधिकारी चुनावी मैदान में हैं, जो 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को हरा चुके हैं. एक बार फिर वे मुकाबला करने के लिए तैयार हैं. ऐसे में ममता बनर्जी कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहती हैं.

ममता बनर्जी ने क्या कहा?

ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ने को लेकर कहा कि यहां मुझे हर कोई जानता है. घर बदलने की बात होने के बावजूद मैंने भवानीपुर नहीं छोड़ा. मेरी मां ने मुझे यह घर बदलने नहीं दिया. यानी ममता बनर्जी मां के कहने की वजह से भवानीपुर कभी नहीं छोड़ा और इस बार भी चुनाव लड़ रही हैं. हालांकि वे चुनाव की तैयारियों को लेकर काफी एक्टिव हैं. कई कार्यकर्ताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा चुकी हैं.

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भवानीपुर से कई दिग्गजों ने चुनाव जीता

भवानीपुर विधानसभा से पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर राय भी विधायक रह चुके हैं. उनके अलाना मीरा दत्ता गुप्ता और रथिन तालुकदार जैसे दिग्गजों ने भी यहां से जीत दर्ज की है. अब खुद बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी यहां से विधायक हैं और फिर चुनावी मैदान में हैं. भवानीपुर विधानसभा 1972 में परिसीमन के बाद से मानचित्र से गायब कर दी गई. 2011 में हुए परिसीमन के बाद फिर इस सीट का उदय हुआ. तब से यहां पर टीएमसी का ही कब्जा है.

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