Naseemuddin Siddiqui resign: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका मिला है. कांग्रेस के बड़े और मुस्लिम नेता नसीमुद्दान सिद्दीकी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. सिद्दीकी ने अपना इस्तीफा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा है. जहां एक ओर कांग्रेस अगले विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर नसीमुद्दीन के इस्तीफे से पार्टी को बड़ा झटका लगा है.
‘मेरे काम और काबिलियत पर जंग लग रही है’
इस्तीफा देने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा, ‘मैं जमीनी स्तर पर काम करने वाला इंसान हूं. मैंने ईद-दीपावली घर पर नहीं मनाई. जमीन पर काम करना मेरा नेचर है. मुझे पार्टी में किसी भी नेता से कोई परेशानी नहीं है. मैं 8 साल पहले कांग्रेस से जुड़ा था. लेकिन मुझे ऐसा लगा कि मेरे काम और काबिलियत पर जंग लग रही है. मेरा सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है, इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया.’
‘मेरा फैसला नहीं बदलेगा’
नसीमुद्दीन सिद्दीकी के इस्ताफा देने के बाद यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडेय सिद्दीकी के घर पहुंचे. मुलाकात के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा, ‘प्रदेश अध्यक्ष अजय राय मुझसे मिलने आए थे. ये मेरा सौभाग्य है कि वे मुझसे मिलने आए. उन्होंने जो कहा, वो मैंने सुन लिया. लेकिन मैं अपना फैसला नहीं बदलने वाला हूं.’
Lucknow, Uttar Pradesh: After resigning from Congress, Nasimuddin Siddiqui says, "I listened to what he said and explained my constraints to him… He came here and I welcomed him, but my decision will not change" https://t.co/LzBdt0c73e pic.twitter.com/XABYiEfGe0
— IANS (@ians_india) January 24, 2026
इस्तीफा देने का क्या कारण है?
नसीमुद्दीन सिद्दीकी की पश्चिम यूपी में मुस्लिम वोट बैंक पर मजबूत पकड़ मानी जाती है. खासकर सहारनपुर और मुज्जफरनगर में में उनका प्रभाव है. ऐसे में सिद्दीकी का इस्तीफा कांग्रेस के लिए यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सेटबैक है. यूपी में कांग्रेस का पहले से ही हाल कुछ अच्छा नहीं है. पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन काफी खराब रहा है, हालांकि लोकसभा 2024 के चुनाव में 6 सीटें जरूर जीती थीं. जानकारों की मानें तो सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद की बढ़ती लोकप्रियता के कारण पार्टी में उन्हें पहले जैसी तवोज्जो नहीं मिल पा रही थी. इसके अलावा हाल ही में लखनऊ पहुंचे राहुल गांधी के स्वागत करने के दौरान उन्हें पहले एंट्री नहीं मिली थी, जिससे भी वे खफा थे.
यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय समेत कई बड़े नेताओं ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी को मनाने की कोशिश की. लेकिन इसका असर सिद्दीकी पर दिखाई नहीं दिया.
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