‘BJP वाले गले में पट्टा लगाकर गैस एजेंसी और पेट्रोल पंपों के आगे क्यों नही बैठ जाते?’ ईंधन संकट पर भड़के अखिलेश
अखिलेश यादव.
Akhilesh Yadav On fuel Crisis: मिडिल ईस्ट जंग की वजह से एलपीजी गैस की किल्लत लगभग पूरी दुनिया में बनी हुई है. भारत भी इससे अछूता नहीं है, लेकिन भारत सरकार के अनुसार अभी फिलहाल पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. हालांकि, लगभग हर शहर में गैस सिलेंडर लेने के लिए लंबी-लंबी लाइने लगी हैं. एलपीजी किल्लत को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तंज कसते हुए कई सवाल किए हैं. उन्होंने डिप्टी सीएम से सवाल करते हुए कहा कि ‘स्टूल’ लगाकर गैस एजेंसी और पेट्रोल पंपों के आगे क्यों नहीं बैठ जाते?
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, UP के भाजपाई डिप्टी सीएम के बयान से ये साबित हो गया है कि सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी भाजपाई ही कर रहे हैं. डिप्टी CM का दावा है कि ‘जिसके यहां सिलेंडर न हो वो हमारे यहां सूचना भेज दे, हम सिलेंडर भिजवा देंगे’. इस संदर्भ में आग्रह है कि वो अपना फोन नंबर सोशल मीडिया पर डाल दें या अपने घर, कार्यालय या फिर सीधे अपने जमाखोरीवाले अंडरग्राउंड गोदाम का पता ही दे दें.
भाजपाइयों से पूछे सवाल?
अखिलेश यादव ने सवाल करते हुए पूछा कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी और सेवा का दावा करने वाले भाजपाई और उनके संगी-साथी अब कहां नदारद हैं? गैस और तेल की लाइन में लगे लोगों को समझाने और सिलेंडर व तेल दिलवाने के लिए वो गले में भाजपा का पट्टा और गाड़ियों पर भाजपा का झंडा लगाकर क्यों नहीं निकल रहे हैं? वो ‘स्टूल’ लगाकर गैस एजेंसी और पेट्रोल पंपों के आगे क्यों नही बैठ जाते? सच तो ये है कि भाजपाई और उनके संगी-साथी हमेशा की तरह भूमिगत हो गये हैं.
ये भी पढ़ेंः 1 अप्रैल से बढ़ जाएंगे एलपीजी सिलेंडर के दाम या आम आदमी को मिलेगी राहत? जानें
आपदा में अवसर: अखिलेश यादव
- पहले लोगों को परेशान करो
- संकट है संकट है’ का प्रचार करो
- जितना हो सके भय पैदा करो
- कमी-किल्लत को लगातार बढ़ाओ
- लंबी-लंबी लाइन लगवाओ
- लाइन में झगड़े करवाओ
- आस्तीनी मीडिया से दुष्प्रचार करवाओ
- आनेवाले दिनों की किल्लत बताओ
- कमी के लिए किसी और को दोषी ठहराओ
- लोग डरकर सामान के लिए भागेंगे
- जब जनता आए तो दाम बढ़ा दो
- ऐसे में संकट को आपदा बताओ
- डरे हुए लोगों को और डराओ
- फिर दाम कई गुना और बढ़ा दो
- पिछले दरवाज़े से सप्लाई करवाओ
- कालाबाज़ारी करके बेतहाशा पैसे कमाओ
उन्होंने आगे लिखा, दरअसल भाजपाई और उनके संगी-साथियों के लिए ‘अवसर’ का असली मतलब है, कालाबाजारी करके अकूत दौलत कमाना. भूख और धूप से तस्त्र लोग भाजपा के महाझूठ से और भी अधिक क्रोधित हो रहे हैं. भाजपा की सोच ही काला-कारोबारी है. भाजपा हटाओ, सुख-चैन पाओ!