Vistaar NEWS

Republic Day: गणतंत्र दिवस पर सजा पूरी होने से पहले जेल से क्यों छोड़े जाते हैं कैदी? जानिए इसके पीछे की वजह

Why Republic Day Prisoners Release from jail

गणतंत्र दिवस पर सजा पूरी होने से पहले जेल से क्यों छोड़े जाते हैं कैदी?

Republic Day: 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस पर हर साल जेल में बंद कई कैदियों की रिहाई की जाती है. देश के लगभग सभी जेलों से एक अनिश्चित संख्या में जेल में बंद लोगों को छोड़ा जाता है. हालांकि कैदियों की रिहाई किसी एक आधार पर नहीं दी जाती है, इसके पीछे कई कारण होते हैं. क्या आपको पता है कि इन कैदियों को गणतंत्र दिवस पर ही क्यों रिहा किया जाता है? अगर नहीं, तो यहां जान लीजिए.

किन कैदियों की होती है रिहाई?

जेल प्रशासन रिहाई के लिए सरकार से करता है सिफारिश

कैदियों की रिहाई के लिए अगर इनमें से कुछ भी या तीनों जेल प्रशासन के हिसाब से है, तो सरकार उसे रिहा करने पर विचार करती है और गणतंत्र दिवस जैसे मौकों पर रिहाई कर देती है. हालांकि जेल प्रशासन की सिफारिश पर सरकार गणतंत्र दिवस के अलावा भी कई मौकों पर जेल में बंद कैदियों को रिहा करती रहती है. ताकि जेल में बंद कैदी मुख्यधारा में लौट सकें.

क्यों रिहाई करती है सरकार?

जेल प्रशासन जेल में कैदियों की भारी संख्या है, ऐसे में अगर किसी की रिहाई नहीं होगी तो भीड़ बढ़ती ही जाएगी, जिसका भार प्रबंधन पर पड़ेगा. इससे जेल प्रशासन का खर्च भी बढ़ेगा. इसलिए जेल प्रशासन के नियमों के अनुसार, जो भी कैदी रिहाई के पात्र हैं, उनको गणतंत्र दिवस पर छोड़ दिया जाता है. सरकार के इस कदम से जेल में भीड़ कम हो जाती है और कैदियों को भी पुनर्वास का मौका मिल जाता है.

ये भी पढे़ं: 26 जनवरी से पहले हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां, दिल्ली पुलिस ने जारी किए रेहान समेत 6 आतंकियों के पोस्टर

मुख्यधारा में लौटने के लिए होती है रिहाई

जिन कैदियों की सजा पूरी होने से पहले रिहाई की जाती है. उन पर कुछ सालों तक नजर भी रखी जाती है ताकि सार्वजनिक सुरक्षा बनी रहे. सरकार के इस पहल से न्याय और दया के बीच एक अच्छा संतुलन भी बनता है. बहुत से ऐसे कैदी हैं, जिन्हें सजा पूरी करने से पहले ही रिहा किया गया. आज वो मुख्यधारा से जुड़कर एक अच्छे मुकाम पर काम कर रहे हैं.

Exit mobile version