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Janmashtami Kab Hai: 4 या 5 सितंबर कब है श्रीकृष्ण जन्माष्टमी? पंचांग के अनुसार जानें सही डेट और शुभ मुहूर्त

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Janmashtami Kab Hai: रक्षाबंधन के बाद अब हिंदुओं को जन्माष्टमी का इंतजार है. भगवान श्री कृष्ण का जन्म द्वापर युग में भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था. इस वजह से हर साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस तिथि को ही मनाते हैं और कोशिश करते हैं कि उस दिन तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र भी हो. लेकिन हर बार ऐसा ही हो, यह जरूरी नहीं है. इस बार की भी जन्माष्टमी को लेकर लोगों में कंफ्यूजन है कि जनमाष्टमी किस दिन मनाई जाएगी. चलिए आपको पंचांग के जरिए बताते हैं कि जन्माष्टमी किस दिन मनाई जाएगी.

इस दिन मनाई जाएगी जन्माष्टमी

पंचांग के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि 4 सितंबर को देरा रात 2:25 पर शुरू हो रही है और 5 सितंबर को 12:13 एएम तक विद्यमान रहेगी.वहीं, उदयातिथि के आधार पर देखा जाए तो जन्माष्टमी की तिथि 4 सितंबर को पूरे दिन है, वहीं रोहिणी नक्षत्र में रात 11 बजकर 04 मिनट तक है. बताते चलें, भगवान श्रीकृष्ण जन्म मध्य रात्रि में हुआ था, तो 4 और 5 सितंबर की रात वह समय भी प्राप्त होगा. इस हिसाब से इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सिंतबर शुक्रवार को मनाई जाएगी.

मृगशिरा नक्षत्र में मनाई जाएगी जन्माष्टमी

बतातें चलें 4 सितंबर इसलिए भी खास है क्योंकि इस दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के साथ मृगशिरा नक्षत्र और वज्र योग भी होगा. उस दिन हर्षण योग प्रात:काल से लेकर दोपहर 03:44 तक रहेगा. उसके बाद से वज्र योग प्रारंभ होगा, जो 5 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा.

जन्माष्टमी के शुभ मुहूर्त

इस साल जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त रात में 11:57 बजे से लेकर देर रात 12:43 बजे तक है. इस समय भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होगा और उत्सव मनाया जाएगा.जन्माष्टमी का ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 04:30 से 05:15 तक रहेगा. इस समय में स्नान करके व्रत का संकल्प कर लें. अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:55 बजे से लेकर दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा.

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