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मध्य प्रदेश कांग्रेस की सभी इकाइयां भंग, संगठन का होगा पुनर्गठन, दिल्ली में बैठक के बाद फैसला

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मध्य प्रदेश कांग्रेस की सभी इकाइयां भंग, संगठन का होगा पुनर्गठन, दिल्ली में बैठक के बाद फैसला

Congress Organisation Restructuring Decision: मध्य प्रदेश कांग्रेस की सभी इकाइयों को भंग कर दिया गया है. अब मध्य प्रदेश में संगठन का पुनर्गठन होगा. मध्य प्रदेश कांग्रेस ने दिल्ली में आलाकमान के साथ बैठक के बाद फैसला लिया है. यह आदेश प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने जारी किया है. जिसमें लिखा कि तत्काल प्रभाव से मध्य प्रदेश कांग्रेस की सभी विभागों, प्रकोष्ठों और समस्त स्तर की इकाइयों को भंग किया जाता है.

आज गुरुवार को इंदिरा भवन, नई दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की उपस्थिति में संगठन सृजन अभियान के अंतर्गत नियुक्त जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों के साथ विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित हुई. इस बैठक में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार , संगठन सृजन अभियान के प्रभारी वामशी रेड्डी और वॉर रूम चेयरमैन शशिकांत सेंथिल समेत कई सह प्रभारीगण उपस्थित रहे. बैठक के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के सभी विभागों, प्रकोष्ठों और समस्त स्तर की इकाइयों को भंग करने का आदेश जारी हुआ.

मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठन को लेकर दिल्ली में दो दिनों से बैठक चल रही थी. बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है. कुछ दिन पहले कांग्रेस ने पचमढ़ी में भी शिविर लगाया था. जिसमें एमपी कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की गई थी. इस बैठक में सभी जिलों के जिलाध्यक्ष शामिल हुए थे. लेकिन हाल ही में दतिया उपचुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर धोखा देने का आरोप लगाया, जिसके बाद पार्टी ने सख्त एक्शन लेते हुए परिणाम आने के एक दिन पहले ही उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया. इसके बाद पार्टी उन सभी नेताओं पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है, जो पार्टी में रहते हुए विपक्षी दलों की मदद के लिए आगे आते हैं.

2028 विधानसभा चुनाव को लेकर होगी नियुक्ति

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जिन नेताओं को जिम्मेदारी दी है. वे पार्टी के कार्यों को लेकर सक्रिय नहीं है. ऐसे में पार्टी ने उन सभी को मैसेज भी दिया है कि आपको भी अध्यक्ष की तरह जमीन पर घूमना होगा. इस आदेश के बाद संकेत मिल रहे हैं कि प्रदेश अध्यक्ष को आलाकमान की ओर से फ्री हैंड मिल गया है. वे अब एमपी में ऐसे नेताओं को चुनेंगे, जो आलस्य से दूर होकर पार्टी के लिए काम करेंगे और वे आने वाले विधानसभा चुनाव में अपना परिणाम दिखाएंगे. क्योंकि पार्टी विधानसभा चुनाव 2028 में कोई भी गलती नहीं करने वाली है.

ये कमेटियां काम करती रहेंगी

ये कमेटी भंग

उमंग सिंघार की अध्यक्षता में बनाई गई आदिवासी मामलों की कमेटी बनी रहेगी. इसके साथ ही प्रियव्रत सिंह के नेतृत्व में बनाई गई युवा मामलों की भी कमेटी बनी रहेगी.

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