भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर धरना, प्रदर्शन, हड़ताल, आंदोलन और पुतला दहन जैसी सभी गतिविधियों पर आगामी दो महीने के लिए पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है. भोपाल के पुलिस आयुक्त (PC) संजय कुमार ने 19 अक्टूबर 2026 को यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है.
इस आदेश के लागू होने के बाद रोशनपुरा चौराहे पर किसी भी दल या व्यक्ति के द्वारा आंदोलन और प्रदर्शन जैसे गतिविधियां नहीं की जा सकती है. आइए जानते है ये फैसला क्यों लिया गया है.
धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
पुलिस कमिश्नरेट ने धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है. इस आदेश के मुताबिक, आगामी दो महीने यानी 60 दिनों तक ये प्रतिबंध प्रभावी रहेगा. दरअसल, दशहरा पर कांग्रेस ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाने का ऐलान किया है. भोपाल पुलिस (Bhopal Police) ने शहर के प्रमुख रोशनपुरा चौराहे (Roshanpura Chauraha) को प्रतिबंधात्मक क्षेत्र घोषित किया है.
आदेश पीछे की वजह
पुलिस आयुक्त की ओर से जारी आदेश पीछे की वजह ये है कि, इस स्थान पर विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, समितियों और अन्य समूहों द्वारा अपनी मांगों को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन और आंदोलन आयोजित किए जाते हैं. इन आयोजनों की वजह से मुख्य सड़क पर यातायात प्रभावित होता है. ऐसे में आम नागरिकों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसी वजह से ये फैसला लिया गया है.
आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध आवाजाही
इस फैसले की वजह से एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध आवाजाही मिलेगी. राजभवन, एयरपोर्ट और हमीदिया अस्पताल जाने वाले मार्ग की अहमियत को देखते हुए और चौराहे पर प्रदर्शन से आम लोगों को होने वाली परेशानी को रोकना भी इस फैसले का मकसद है.
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