Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद (मिनिस्टर-इन-काउंसिल) की बैठक में प्रशासन, न्याय, निवेश, पुलिस, खेल, सिंचाई और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी. बैठक के बाद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी. यह नवनियुक्त मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल की पहली कैबिनेट बैठक भी रही. साथ ही पूर्व मुख्य सचिव अनुराग जैन के नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त होने पर उन्हें शुभकामनाएं दी गईं.
फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित
कैबिनेट ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है. इन अदालतों में पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े मामलों का तीन माह के भीतर निराकरण करने का लक्ष्य रखा गया है. साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल तैयार किया जाएगा.
बैठक में बताया गया कि आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मध्य प्रदेश को “बेस्ट परफॉर्मिंग लार्ज स्टेट” का राष्ट्रीय सम्मान मिला है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने “मन की बात” कार्यक्रम में सीधी और नरसिंहपुर में जल संरक्षण के कार्यों की सराहना की.
7,000 करोड़ से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव
निवेश के मोर्चे पर प्रदेश को ₹7,000 करोड़ से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजी राज्य में ₹6,200 करोड़ की लागत से सेमीकंडक्टर परियोजना स्थापित करेगी, जिससे लगभग 2,500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है. वहीं श्याम शेरन पावर कंपनी लिमिटेड करीब ₹1,000 करोड़ का निवेश करेगी, जिससे एक हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे.
कैबिनेट ने पुलिस विभाग में 9,662 नए पदों को मंजूरी देने और 25 हजार से अधिक पुलिस कर्मचारियों की पदोन्नति का भी उल्लेख किया. खेल क्षेत्र में अक्टूबर-नवंबर 2026 में भोपाल में महिला एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी आयोजित करने के लिए करीब ₹18 करोड़ के व्यय को मंजूरी दी गई.
ड्रोन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित
इसके अलावा आईसर भोपाल में ₹85.51 करोड़ की लागत से एआई आधारित ड्रोन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने, जल संसाधन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की निरंतरता, रेहंत माइक्रो परियोजना, मल्हारगढ़ वृहद सिंचाई परियोजना, किसानों की बोनस भुगतान योजना तथा जनविश्वास अधिनियम-2026 के तहत विधिक माप विज्ञान अधिनियम में संशोधन संबंधी प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई. साथ ही गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पूरे प्रदेश में महर्षि सांदिपनी श्रद्धापर्व मनाने का भी निर्णय लिया गया.
