MP News: भोपाल में अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस 2026 के अवसर पर सशक्त उद्यमी समृद्ध मध्यप्रदेश” थीम आधारित राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव और एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप शामिल हुए.
2 हजार से ज्यादा स्टार्टअप और उद्यमी शामिल हुए
कार्यक्रम में 2,000 से अधिक स्टार्टअप, उद्यमियों और विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया. इस दौरान बायर-सेलर मीट, ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस क्लिनिक और 50 से अधिक स्टॉलों की MSME प्रदर्शनी आयोजित की गई. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ कई एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, वहीं औद्योगिक क्षेत्रों का शुभारंभ और भूमिपूजन भी किया गया. कार्यक्रम में तीन विशेष विषयगत सत्र भी आयोजित किए गए.
760 से ज्यादा MSME यूनिट्स को 225 करोड़ बांटे गए
मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 760 से अधिक MSME इकाइयों को 225 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित की. साथ ही 137 स्टार्टअप्स को डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि अंतरित की गई.
इसके अलावा मध्य प्रदेश निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत वृहद उद्योगों को 1,274 करोड़ रुपये की सहायता राशि भी जारी की गई. मुख्यमंत्री ने विभिन्न MSME हितग्राहियों को सम्मानित किया. कार्यक्रम के दौरान धार, देवास, पांढुर्णा, टीकमगढ़, उज्जैन, मंदसौर, मंडला, जबलपुर, बैतूल, कटनी, नीमच और खरगोन में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए.
MSME क्षेत्र को 11 हजार करोड़ का भुगतान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ-साथ उद्योगों को भी प्राथमिकता दे रही है. उन्होंने बताया कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने उत्कृष्ट कार्य किया है और सरकार ने ढाई वर्षों में MSME क्षेत्र को 11 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया है. साथ ही MSME इकाइयों के सभी बकाया अधिकारों का भुगतान भी सुनिश्चित किया गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर जिले में उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं ताकि लोगों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके. उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार के पांच वर्ष पूरे होने तक मध्य प्रदेश MSME विकास के मामले में देश के शीर्ष तीन राज्यों में शामिल होगा.
आगर-मालवा में 3800 करोड़ का निवेश
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया कि आगर मालवा में कनाडा की एक कंपनी 3,800 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है, जबकि पीथमपुर में ब्रिटेन की कंपनी 3,500 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम करेगी. इसके अलावा चीन, जापान और दक्षिण कोरिया की मेडिकल एवं फार्मास्यूटिकल कंपनियां भी मध्य प्रदेश में निवेश कर रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 जिलों में नए औद्योगिक केंद्रों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है. 14 नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि देश में 7 करोड़ से अधिक MSME इकाइयां हैं, जिनमें 25 लाख से ज्यादा इकाइयां मध्य प्रदेश में संचालित हो रही हैं. इनसे प्रदेश में 1.43 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है और राज्य के कुल निर्यात में लगभग 50 प्रतिशत योगदान MSME क्षेत्र का है.
उन्होंने कहा कि देशभर में 4.41 लाख से अधिक MSME इकाइयों का संचालन महिलाएं कर रही हैं. स्टार्टअप नीति से युवाओं को व्यापक लाभ मिल रहा है और सरकार ने मई तक किए गए सभी वादे पूरे कर दिए है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के माध्यम से प्रदेश को 20 GI टैग प्राप्त हुए हैं तथा मध्य प्रदेश का MSME क्षेत्र वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
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