Vistaar NEWS

एमपी में 25 गायों के पालन पर ₹10 लाख की सब्सिडी, बेस्ट गौपालकों को ₹1 लाख का इनाम, ऐसे उठाएं लाभ

mp cow farming subsidy yojana

फाइल फोटो

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में दुग्ध उत्पादन और गौ-संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना की घोषणा की है. इस योजना के तहत एमपी के गौपालकों को बड़ा मुनाफा हो होने वाला है. योजना के तहत सरकार 25 दुधारू गायों के पालन पर 10 लाख रुपये की सब्सिडी दी जा रही है. इनता ही नहीं, स्वदेशी नस्लों के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए हर ब्लॉक के सबसे अच्छे पशुपालकों को 1 लाख का इनाम भी दिया जाएगा.

भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बात की पुष्टि की कि ₹40-42 लाख की लागत वाली इस डेयरी परियोजना में सरकार ₹10 लाख बतौर अनुदान (सब्सिडी) देगी. यानी की यदि आप 25 दुधारू गायों की एक डेयरी यूनिट या गौशाला स्थापित करते है तो एमपी सरकार की तरफ से आपको 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी. ये सब्सिडी ‘डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना’ के तहत दी जाएगी.

सरकार से मिलेगी वित्तीय सहायता

इस पूरी डेयरी यूनिट को खोलने के लिए 40 लाख रुपये के आस-पास की जरूरत पड़ती हैं, जिसमें से 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता सीधे सरकार देगी. वहीं मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही मध्य प्रदेश गोपाल प्रोत्साहन योजना के तहत स्वदेशी (देशी) नस्ल की सबसे ज्यादा दूध देने वाली गायों के मालिकों के बीच प्रतियोगिता आयोजित की जाती है. इसके तहत मिलने वाले पुरस्कार इस प्रकार हैं

अच्छे गौपालकों को मिलेगा पुरुष्कार

इसी के तहत राज्य के सभी 313 विकासखंडों (ब्लॉक्स) में विकसित किए जा रहे ‘वृंदावन ग्रामों’ में गौपालक प्रतियोगिता का आयोजन रहा है. इस प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रदेश के पशुपालकों को प्रोत्साहित करना और मध्य प्रदेश को ‘श्वेत क्रांति 2.0’ का अगुवा बनाना है. इस प्रतियोगिता के तहत प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले गौपालक को ₹1 लाख, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को ₹50 हजार और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को ₹25 हजार का पुरस्कार दिया जाएगा.

कैसे उठा सकते है फायदा?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को अपने स्थानीय (लोकल) पशु चिकित्सा केंद्र, विकासखंड (ब्लॉक) के पशुपालन विभाग कार्यालय या जिला उपसंचालक कार्यालय में जाना होगा. वहां से योजना का आधिकारिक फॉर्म लें, उसे भरें और मांगे गए दस्तावेजों को संलग्न करके जमा करना होगा. इसके बाद विभाग द्वारा सत्यापन किया जाएगा फिर स्वीकृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर बैंक से लोन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और यूनिट स्थापित होने पर सब्सिडी आपके खाते में क्रेडिट कर दी जाएगी.

जरूरी दस्तावेज

आधार कार्ड और मध्य प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र.
जमीन के दस्तावेज (गौशाला/डेयरी खोलने के लिए पर्याप्त जगह).
बैंक खाता पासबुक (जिसमें सब्सिडी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर या DBT के जरिए आएगी).
पशुपालन से संबंधित अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र या शपथ पत्र.

ये भी पढ़ें: 34 देश, ₹3,729 करोड़ का निवेश…. मध्य प्रदेश बनेगा दुनिया का पसंदीदा टूरिस्ट डेस्टिनेशन

Exit mobile version