मध्य प्रदेश में अब छोटे अपराधियों को सीधे जेल नहीं भेजा जाएगा. छोटे और पहली बार अपराध करने वाले कैदियों को अब हर मामले में जेल भेजने की बजाय उनके सामाजिक काम के जरिए सजा भुगतने का रास्ता साफ हो गया है. गृह विभाग द्वारा ‘मप्र कम्युनिटी सर्विस गाइडलाइंस-2026’ को अधिसूचित कर दिया गया है. इस गाइडलाइंस के मुताबिक, अदालत अपराध की प्रकृति और परिस्थितियों के अनुरूप निश्चित अवधि के लिए बिना वेतन सामुदायिक सेवा का आदेश दे सकेगी.
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