मध्य प्रदेश एसटीएफ ने जाली दस्तावेजों से बांग्लादेशियों के पासपोर्ट बनाने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. एसटीएफ की टीम ने इस मामले में 4 लोगों के गिरफ्तार कर किया है. सबसे बड़ी बात ये है कि इनमें एक आरोपी को नागपुर से पकड़ा गया है जिसका पासपोर्ट में गुजरात के कच्छ जिले के मथल गांव का पता है. कच्छ के पास से पाकिस्तान बॉर्डर शुरू हो जाता है, इसलिए एसटीएफ ने गिरफ्तार बांग्लादेशी से पूछताछ तेज कर दी है.
एसटीएफ की रडार पर सत्यापन करने वाले विभाग
नागपुर से गिरफ्तार हुए बांग्लादेशी घुसपैठिए का नाम जाय चौधरी बरूआ बताया जा रहा है. इस मामले में अब एसटीएफ की रडार पर वह सराकरी विभाग भी है जो ऐसे पासपोर्ट जारी करते समय सत्यापन कर देने हैं. सत्यापन प्रक्रिया में शामिल पुलिस अधिकारी, पुलिसकर्मी एवं दूसरे विभागों के सरकारी कर्मचारियों की सूची तैयार की गई है.
एसटीएफ द्वारा तैयार की गई सूची में ग्वालियर के डबरा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी विनायक शुक्ला, एचसीएम भूपेंद्र गुर्जर सहित अन्य पुलिसकर्मी व पासपोर्ट सेवा केंद्र के कर्मचारी भी हैं. बता दें कि अभी तक मध्य प्रदेश के दतिया स्थित बौद्ध मठ के पते पर 17, भोपाल के अन्ना नगर स्थित बौद्ध मठ के पते पर 40, बैतूल से 11, छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले से एक-एक फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने का मामला सामने आया है.
अभी तक मिले 70 फर्जी पासपोर्ट
अभी एसटीएफ ने डबरा के पते पर बने पासपोर्टों की पड़ताल की है. इस जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं. जांच अधिकारियों को आशंका है कि जाली दस्तावेजों के आधार पर बने पासपोर्टों की संख्या 200 तक पहुंच सकती है. एसटीएफ की जांच में अभी तक 70 फर्जी पासपोर्ट की पुष्टि हो चुकी है.
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