‘राहुल गांधी से हुई चूक’, राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के इस वरिष्ठ नेता ने पहले ही कर दी थी भविष्यवाणी

Rahul Gandhi Election Miscalculation: मंगलवार को मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया. चुनाव आयोग ने उन पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाया.
Meenakshi Natrajan

मीनाक्षी नटराजन

Naresh Gyanachandani Prediction Comes True: मध्य प्रदेश से कांग्रेस ने जब राज्यसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशी की घोषणा की, तो पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया के माध्यम से दिल्ली दरबार तक मैसेज दिया कि पार्टी ने प्रत्याशी चुनने में बड़ी चूक कर दी है. उन्होंने यह बात सीधे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को टैग करते हुए लिखा था, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया. अब कांग्रेस प्रत्याशी रहीं मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया. यानी मध्य प्रदेश की तीनों सीटें अब भाजपा के खाते में आसानी से चली जाएंगी.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को टैग करते हुए लिखा, “आपसे आग्रह है कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार में बड़ी चूक हुई है. आपको कई बार मैसेज किए थे कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए बड़ा सोच समझकर निर्णय लें क्योंकि यहां क्रॉस वोटिंग का खतरा है. अगर श्री दिग्विजय सिंह रिपीट होते तो सीट सेफ थी.” कांग्रेस के खाते से राज्यसभा सीट जाने के बाद अब नरेश ज्ञानचंदानी की यह पोस्ट खूब वायरल हो रही है.

नरेश ज्ञानचंदानी की पोस्ट से मची हलचल

मंगलवार को मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया. चुनाव आयोग ने उन पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाया. जब से मीनाक्षी का नामांकन रद्द हुआ है, तब से कांग्रेस नेता नरेश ज्ञानचंदानी की पोस्ट राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. उनका मानना है कि अगर पार्टी राज्यसभा प्रत्याशी के तौर पर दिग्विजय सिंह को चुनती तो चूक की गुंजाइश बिल्कुल भी नहीं रहती.

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नरेश ज्ञानचंदानी ने दिया इस्तीफा

फिलहाल, मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के बाद अब कांग्रेस के भीतर गृहयुद्ध छिड़ने की संभावना है. क्योंकि नरेश ज्ञानचंदानी ने पहले ही सचेत होने के संकेत दे दिए थे, लेकिन इसके बावजूद भी उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया. कांग्रेस नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने जब सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखने का प्रयास किया और उसे अनसुना कर दिया गया, तो उन्होंने पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया. हालांकि, अभी उनका स्वीकार नहीं हुआ है. अब देखना यह होगा पार्टी नरेश ज्ञानचंदानी का इस्तीफा स्वीकार करती है या नहीं.

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