मध्य प्रदेश में किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही है, यह कोई नई खबर नहीं है. हर साल फसल बोने के समय सोसायटियों और खाद संग्रहालयों में किसानों को खाद नहीं मिलती और फिर मजबूरी में उन्हें इधर-उधर से दोगुने दाम पर खाद की बोरियां खरीदनी पड़ती है. खाद की किल्लत से जूझ रहे किसान अब अधिकारियों और सरकारी दफ्तरों की जगह पंडा-पुजारियों से अर्जी लगा रहे हैं। हाल ही में एक ऐसा ही वीडियो सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
ग्यारसपुर तहसील की घटना
ये घटना एमपी के विदिशा जिले की ग्यारसपुर तहसील के ग्राम ओलिंजा की बताई जा रही है. गांव में विजयादशमी यानी दशहरे के मौके पर भुजरिया विसर्जन के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. इस दौरान गांव के सभी लोग ठाकुर बाबा के स्थान पर एकत्रित होते हैं. जहां पर गांव के पंडा जवाहर सिंह कुशवाह से लोग अपने-अपने मन की मुराद पूरी करवाने के लिए अर्जी लगाते हैं. ग्रामीण मान्यता के अनुसार पंडा भगवान से कहकर उनकी इच्छाएं पूरी करवाते हैं. इसी दौरान एक किसान पंडा के पास खाद की अर्जी लेकर पहुंचा.
पंडा से किसान पूछ रहे मुहूर्त
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से खाद वितरण होता है. कई किसान दिन भर लाइन में लगे रहते हैं लेकिन उनको खाद नहीं मिल पाता. पंडा के सामने पहुंचे एक किसान ने कहा कि “महाराज, मैं बहुत परेशान हो गया हूं मुझे खाद मिलेगा भी या नहीं और अगर मिलेगा तो कब मिलेगा.” इस पंडा ने इस पर कुछ मंत्र पढ़े और किसान को खाद मिलने का मुहूर्त बता दिया. हालांकि ये सब ग्रामीणों की मान्यता के अनुसार ही हुआ. पंडा के द्वारा बताए गए समय पर किसान को खाद मिला या नहीं इसकी जानकारी नहीं हैं.
एमपी में खाद की किल्लत
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में रबी की बुवाई और फसल के लिए यूरिया और डीएपी (DAP) खाद की किल्लत और कालाबाजारी को लेकर किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं. रबी फसल की बुवाई से पहले सहकारी समितियों पर खाद के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहाँ मांग अधिक होने पर सीमित मात्रा (जैसे एक-एक बैग) में खाद का वितरण किया जा रहा है.
ये भी पढ़ें: MP की एक राज्यसभा सीट पर उपचुनाव, 12 नवंबर को होगा मतदान, एल मुरुगन के इस्तीफे के बाद हुई खाली
