chhatarpur news: देशभर में पतियों को मारने के मामले तेजी से बढ़ते ही जा रहे हैं. लगभग हर दिन इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को मौत के घाट उतार दिया. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से भी कुछ इसी तरह का मामला सामने आया है. यहां शुरुआत में मामला गुमशुदगी का था. हालांकि बाद में जंगल में सड़ी-गली लाश मिलती है. इसके बाद अब अज्ञात शव की जांच में पुलिस लगती है तो ऐसी खौफनाक कहानी सामने आती है, जो हर किसी को हैरान कर देती है.
छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र में सामने आए इस हत्याकांड में रिश्तों का ऐसा खौफनाक चेहरा देखने को मिला, जहां पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली. पुलिस जांच में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ में हत्या की परतें खुलती चली गई.
2 महीने में ही कर दी पति की हत्या
पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि दोनों की शादी महज 2 महीने पहले ही हुई थी. 22 वर्षीय मनीराम रैकवार की हत्या के पीछे उसकी पत्नी शिवानी रैकवार, प्रेमी अखिलेश पटेल और उसके साथी भरत यादव का हाथ था. हत्या के बाद शव को जंगल में फेंक दिया गया था.
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में मामला सिर्फ एक लापता व्यक्ति का लग रहा था. परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा था, लेकिन कुछ दिन बाद जंगल से शव बरामद हुआ. शव की पहचान होते ही हत्या का मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू हुई.
पुलिस ने मृतक के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, आखिरी लोकेशन और करीबी लोगों से पूछताछ की. इसी दौरान शक की सुई उसकी पत्नी पर गई. जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पूरा राज सामने आ गया. पत्नी ने कथित तौर पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी ताकि दोनों बिना किसी रुकावट के साथ रह सकें.
पेचकस घोंपकर उतारा मौत के घाट
पुलिस की जांच में सामने आया कि पत्नी के प्रेमी अखिलेश पटेल ने मृतक पति मनीराम रैकवार से दोस्ती कर ली थी. दोस्ती होने के बाद अखिलेश उसके घर आने जाने लगा था. यही वजह रही कि वह मनीराम की शादी में भी शामिल हुआ तो किसी को भी कोई शक नहीं हुआ. आरोपी ने मृतक की शादी में परिवार का भरोसा जीत लिया था, यही वजह है कि किसी को भी कोई शक नहीं हुआ. हालांकि वह पहले ही अपने प्रेमिका के पति को मारने की तैयारी कर चुका था.
परिवार के लोगों ने बताया कि 8 जुलाई को अखिलेश ने मनीराम को अपनी ससुराल में पार्टी के लिए बुलाया था. यही वजह है कि वह आराम से चला गया, पहले से वह उसको जानता था और उसका व्यवहार भी ठीक था. यही वजह है कि किसी को कोई शक नहीं हुआ. पार्टी करने के बाद मनीराम के गले पर पेचकस से हमला कर दिया. जिसके कारण उसका बहुत ज्यादा खून बह गया. हत्या के बाद शव को जंगल के नाले में फेंक दिया और ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर रख दिए. ताकि किसी को भी आसानी से शव न मिल सके.
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