Datia Assembly By Election: दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी सिर्फ दतिया जिले तक सीमित रहने के बजाय दूसरे शहरों में रह रहे दतिया के मतदाताओं तक भी पहुंचने की कोशिश में लगी हुई है. इसके अलावा भी कई और रणनीतियों पर पार्टी काम कर रही है. इसी कड़ी में सागर में रहने वाले दतिया मूल के लोगों और छात्रों से संपर्क अभियान शुरू किया गया है.
पार्टी का मानना है कि सागर में बड़ी संख्या में दतिया के छात्र, नौकरीपेशा लोग और परिवार रहते हैं. चुनाव के दौरान इन मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क कर उन्हें मतदान के लिए जागरुक किया जा रहा है. बीजेपी कार्यकर्ताओं को इस जिम्मेदारी के साथ मैदान में उतारा गया है कि वे अपने परिचितों, रिश्तेदारों और समाज के लोगों से संपर्क कर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाएं.
सीधे तौर पर कहें तो बीजेपी किसी भी हाल में दतिया अपने हाथ में करना चाहती है. यही वजह है कि वह साल 2023 की गलती इस बार नहीं दोहराना चाहती है. जहां भी काम करने की संभावनाएं नजर आ रही हैं वहां पूरी टीम को लगाया जा रहा है.
सामाजिक और जातीय समीकरणों पर सबकी नजर
चुनावी रणनीति में सामाजिक और जातीय समीकरणों पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है. भाजपा अलग-अलग समाजों के प्रभावशाली नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंप रही है, ताकि हर वर्ग तक पार्टी की बात पहुंच सके. इसके लिए समाजवार टीमों का गठन किया जा रहा है, जो अपने-अपने समुदाय के लोगों से सीधे संवाद करेंगी. मतलब यह कि जो लोग डोर टू डोर मोर्चा संभाले हुए हैं, उनसे अलग अब जातिगत फोकस भी पार्टी करने वाली है.
सागर के कई नेताओं को मिली दतिया में जिम्मेदारी
सागर संभाग से जुड़े सीनियर नेताओं को भी इस उपचुनाव में अहम भूमिका दी गई है. संगठन का मानना है कि स्थानीय राजनीतिक अनुभव और क्षेत्रीय नेटवर्क का लाभ चुनाव में मिल सकता है. इसी वजह से अनुभवी नेताओं और पूर्व मंत्रियों को प्रचार अभियान और संगठनात्मक गतिविधियों की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है.
दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपनी-अपनी रणनीतियों पर काम तेज कर दिया है. आने वाले दिनों में प्रचार अभियान और उम्मीदवारों की सक्रियता के साथ चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है.
