दतिया उपचुनाव कांग्रेस के लिए कितनी बड़ी चुनौती, नरोत्तम की होगी वापसी? क्या कहते हैं पिछले चुनावों के आंकड़े
Datia Upchunav Congress Chunauti: मध्य प्रदेश की सबसे हाई प्रोफाइल सीटों में शुमार दतिया में चुनाव आयोग की तरफ से उपचुनाव का ऐलान कर दिया है. 30 जुलाई को इस सीट पर मतदान होगा और 3 अगस्त को चुनाव नतीजे सामने आएंगे. कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों ने अपनी रणनीतियों पर काम करना शुरू कर दिया है. इस चुनाव में टिकट वितरण से लेकर जीत के दावों तक, दोनों पार्टियों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. हालांकि दतिया की जीत कांग्रेस और बीजेपी दोनों के लिए ही चुनौतीपूर्ण रहने वाली है. ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले चुनाव में यहां से तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हार का सामना करना पड़ा था.
सूत्रों के अनुसार बीजेपी की तरफ से पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा प्रमुख दावेदार हैं. लगभग यह तय माना जा रहा है कि बीजेपी उन्हें ही यहां से चुनावी मैदान में उतारेगी. वे पिछले कुछ समय से लगातार दतिया के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में एक्टिव बने हैं. विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चुनावी माहौल तैयार कर रहे हैं.
कांग्रेस ने किसे टिकट दिया जाए इसके लिए एक समिति गठित की है. इसमें पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह और सिद्धार्थ कुशवाहा को शामिल किया गया है. जो राजनीतिक हालात का आकलन कर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को रिपोर्ट सौंपेगी. टिकट की दौड़ में पूर्व विधायक घनश्याम सिंह, अवधेश नायक और अन्य नेता सक्रिय हैं. कहा यह भी जा रहा है कि पार्टी राजेंद्र भारती की पत्नी को भी मौका दे सकती है.
कैसा रहा पिछले 4 चुनावों का नतीजा?
दतिया में पिछले 4 चुनावों की बात की जाए तो यहां से 3 चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को ही जीत मिली है. सबसे खास बात यह है कि यहां से नरोत्तम मिश्रा ही चुनाव जीतते आए हैं. साल 2008 के विधानसभा चुनाव हों या फिर 2013 या 2018 यहां से नरोत्तम मिश्रा ने ही जीत दर्ज की है.
साल 2023 के विधानसभा चुनावों में यहां कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने नरोत्तम को पटखनी दे दी थी. जबकि नरोत्तम राजेंद्र भारती को पहले बार चुनाव हार चुके थे. उस समय खुद बीजेपी प्रत्याशी ने माना कि उनकी इस के पीछे की वजह उनका अति आत्मविश्वास है. जबकि कांग्रेस का कहना था कि उनको उनके अहंकार ने ही हराया है.
फिर चर्चा में आया नरोत्तम मिश्रा का बयान
साल 2023 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि समुद्र का पानी उतरता देख किनारे पर घर मत बना लेना… मैं लौटकर आऊंगा, ये वादा है. अब जब यहां उपचुनाव हो रहा है तो ऐसा कहा जा रहा है कि नरोत्तम मिश्रा एक बार फिर दतिया वापस आने वाले हैं. जबकि कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी जनता से कह रहे हैं कि इस बार न्याय करना है.
क्यों हो रहा है उपचुनाव?
दतिया में उपचुनाव के पीछे की वजह तत्कालीन विधायक राजेंद्र भारती को एक 28 साल पुराने केस में सजा होना था. इसके बाद विधानसभा ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी. पूरा मामला साल 1998 का बताया जाता है. शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार दतिया में राजेंद्र भारती की मां के नाम पर संचालित एक संस्था ने ग्रामीण बैंक में 10 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट कराई थी.
इस पूरे मामले में आरोप है कि तीन साल की एफडी को नियमों के विरुद्ध बढ़ाकर 15 वर्ष कर दिया गया और उस पर नियमित रूप से धनराशि निकाली जाती रही. अदालत ने इसे बैंक से धोखाधड़ी का मामला मानते हुए सजा सुनाई.