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भीतरघात या कुछ और… दतिया की हार के बाद Narottam Mishra को लेकर क्या बोले आशुतोष तिवारी?

Ashutosh Tiwari

आशुतोष तिवारी

दतिया चुनाव में हार के बाद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भोपाल पहुंचे हैं. इस हार के कारणों की समीक्षा बैठक मंगलवार को सीएम आवास पर हुई. इस बैठक में सीएम मोहन यादव, प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल औरप प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह भी मौजूद रहें. खबरों की माने तो इस बैठक में प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने चुनावी हार के कारणों व भीतरघात से जुड़े साक्ष्य एवं ऑडियो रिकॉर्डिंग पार्टी नेतृत्व के सामने रखें.

अभी मेरी दृष्टि में सकारात्मकता-आशुतोष तिवारी

हालांकि जब विस्तार न्यूज ने उन्होंने बातचीत की वह इस बात को पूरी तरह से नकारते हुए नजर आए. विस्तार न्यूज से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अभी मेरी दृष्टि में सकारात्मकता है सब हमारे हैं और हम सबके हैं. उन्होंने कहा कि मेरी उपस्थिति केवल वरिष्ठ नेताओं को धन्यवाद करने के लिए है. दतिया जिले की कार्यकारिणी भंग वाले सवाल पर आशुतोष तिवारी ने कहा कि ये संगठन की सामान्य प्रक्रिया है.

कार्यकारिणी भंग पर क्या बोले-आशुतोष तिवारी

इसी में से बहुत कार्यकर्ता हैं जो वापस पद संभालेंगे और बड़ी जिम्मेदारियों पर पहंचेंगे. उन्होंने कहा कि मैं दतिया का हूं और आगे भी दतिया में ही काम करना चहता हूं. नरोत्तम मिश्रा पर लग रहे आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि राजनीति रिश्तों को प्रभावित नहीं करती, वह आज भी मेरे में बड़े भाई हैं. मेरे दिल में उनके प्रति कोई भी नकारात्मकता नहीं है और न ही मुझे उनसे किसी भी तरह की शिकायत है.

नरोत्तम मिश्रा का भी ट्वीट

उधर नरोत्तम मिश्रा ने भी ट्वीट कर आशुतोष तिवारी को छोटा भाई बताया है. हालांकि उन्होंने कहा कि अनजाने में ही चुनाव के दौरान कोई कार्यकर्ता से चूक हुई है. चुनाव के दौरान जब कांग्रेस के तरफ से आरोप लगाए गए थे कि भाजपा की तरफ से ही भीतरघात किया जा रहा है. तो आशुतोष तिवारी ने कहा था कि ये सुनकर उनके कान खड़े हो गए. उस समय उनके तेवर थोड़े चढ़े हुए नजर आ रहे थे लेकिन अब ऐसा लगता है कि पार्टी के अंदर की कलह दोनों ही नेता और पार्टी का उच्च नेतृत्व बाहर नहीं आने देना चाहता.

ये भी लोग भी हुई मीटिंग में शामिल

बैठक में दतिया से प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी, चुनाव अभियान प्रभारी सांसद भारत सिंह कुशवाह, सह प्रभारी राहुल कोठारी समेत उन 20 प्रमुख नेताओं को बुलाया गया है, जिन्हें दतिया में चुनाव से जुड़ी अहम जिम्मेदारी दी गई थी.

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