Datia-By-Election: दतिया विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवारों द्वारा दाखिल चुनावी हलफनामों से उनकी संपत्ति, देनदारियों और आपराधिक मामलों का ब्यौरा सामने आया है. कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह तीन प्रमुख उम्मीदवारों में सबसे अधिक संपत्ति के मालिक हैं. उनके पास करीब 19.38 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है, जिसमें दतिया के ऐतिहासिक किलों और बड़ी मात्रा में कृषि भूमि का हिस्सा भी शामिल है. वहीं भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने अपनी कुल संपत्ति करीब 1.50 करोड़ रुपये और आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर सिंह ने 2.10 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है.
घनश्याम सिंह के पास दो किलों में हिस्सेदारी
हलफनामे के अनुसार कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के पास 1.80 लाख रुपये नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी के पास 40 हजार रुपये नकद हैं. विभिन्न बैंकों और डाकघर में लाखों रुपये की जमा राशि है. उनके पास 2011 मॉडल की बोलेरो और 2021 मॉडल की टोयोटा इनोवा भी है.
घनश्याम सिंह ने 250 ग्राम सोना, 600 ग्राम चांदी, एक लाइसेंसी .315 बोर राइफल और पत्नी के नाम 580 ग्राम सोने के आभूषण घोषित किए हैं. उनके पास करीब 12 एकड़ कृषि भूमि, दतिया में कई भूखंड तथा भवानी पैलेस और सेवढ़ा किले में हिस्सेदारी है. इन संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 19.38 करोड़ रुपये बताया गया है. उन्होंने 1.24 करोड़ रुपये का ऋण तथा अपने खिलाफ तीन प्रकरण लंबित होने की जानकारी भी दी है। उन्होंने अर्थशास्त्र में एमए की डिग्री प्राप्त की है.
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी पर 38 लाख का कर्ज
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने अपनी कुल संपत्ति करीब 1.50 करोड़ रुपये घोषित की है। हलफनामे के अनुसार उन पर बैंक का 11 लाख रुपये, पत्नी पर 17 लाख रुपये और पुत्र सुयश तिवारी पर 10 लाख रुपये का ऋण है. उन्होंने स्वयं पर किसी भी आपराधिक मामले के लंबित नहीं होने की जानकारी दी है. आशुतोष तिवारी ने वर्ष 2011 में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर (एमए) किया है.
दामोदर सिंह के खिलाफ तीन मामले दर्ज
आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर सिंह ने अपनी कुल संपत्ति 2.10 करोड़ रुपये घोषित की है. उनके पास 1.21 लाख रुपये नकद और पत्नी के पास 50 हजार रुपये नकद हैं. कृषि भूमि, फार्म हाउस और अन्य संपत्तियां मिलाकर उनके पास करोड़ों की अचल संपत्ति है. उन्होंने आय का स्रोत कृषि बताया है, जबकि पत्नी शासकीय सेवा में हैं और पुत्र ठेकेदारी का कार्य करते हैं.
हलफनामे में दामोदर सिंह ने अपने खिलाफ तीन प्रकरण दर्ज होने की जानकारी दी है. इनमें शिवपुरी के करैरा और भिंड जिले के मामलों के साथ एक राजनीतिक आंदोलन के दौरान धारा 151 के तहत हुई कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया है.
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