‘गोली खायेंगे और जेल जाएंगे लेकिन बिकने नहीं देंगे’, कैलारस शक्कर कारखाना को लेकर बोले विधायक पंकज उपाध्याय
कैलारस शक्कर कारखाना बचाओ संघर्ष समिति के तत्वाधान में धरना प्रदर्शन.
Input- मनोज शर्मा
MP News: मुरैना में कैलारस शक्कर कारखाना प्रांगण में कैलारस शक्कर कारखाना बचाओ संघर्ष समिति के तत्वाधान में धरना दिया गया. यह धरना सरकार की वादा खिलाफी के खिलाफ एवं कारखाने को MSME विभाग को सौंपने एवं छोटे छोटे प्लाट काटकर बेचने के विरोध में धरना दिया गया.
कारखाने की जमीन को काटकर बेचने की तैयारी
भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर एवं कई सारे मंत्री जिसमें कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना विगत एक वर्ष में छह बार बोल चुके है कि कारखाना चालू होगा. किसान गन्ना उगाना चालू करे क्षेत्र के कई हजार किसानों ने गन्ने की खेती चालू कर दी. इसके बाद भी सरकार एवं मुख्यमंत्री ने जनता को धोखा देते हुए दिनांक 29 जून 2026 को सहकारिता कार्यालय में कारखाने की जमीन को एमएसएमई को सौंप दी और कारखाने की जमीन पर छोटे छोटे प्लाट काटकर बेचने की तैयारी में है.
कारखाना हमारे पुरखों की धरोहर
विधायक ने कहा कि हम इनकी मंशा को कभी पूरा नहीं होने देंगे. ये कारखाना हमारे पुरखों की धरोहर है. इसे उन्होंने अपने खून पसीने से सींचा है. इसे हम बिकने नहीं देंगे. हम सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे. विधायक ने आगे कहा कि कारखाने को जीवित रखने के लिए हमें अपनी जान भी देनी पड़ेगी तो जान देने के लिए भी तैयार हैं. इसके लिए हम अब कैलारस ही नहीं जिला स्तर पर धरना देंगे और सरकार का जो भी मंत्री, सांसद और मुख्यमंत्री जो भी आएगा, उसको काले झंडे दिखा कर उसका विरोध करेंगे एवं आगामी विधानसभा सत्र में विधानसभा परिसर में धरना देंगे और अगर जेल भी जाना पड़े तो जेल भी जाएंगे. लेकिन कारखाने को नहीं बिकने देंगे.
‘गांधीवादी तरीके से विरोध हो चुका, अब गांव-गांव जाएंगे’
पूर्व विधायक महेशदत्त मिश्रा ने कहा कि गांधीवादी तरीके से बहुत विरोध कर लिया. अब गांव गांव जाकर किसानों एवं युवाओं को जोड़कर चक्काजाम करेंगे. अशोक तिवारी ने बोला कि ये भाजपा सरकार विगत एक वर्ष से आश्वासन दे रहे हैं कि कारखाना चालू होगा. लेकिन सरकार ने कारखाने की जमीन को प्राइवेट हाथों में देकर किसानों के साथ जो धोखा किया है, उसका हम पुरजोर तरीके से विरोध करेंगे. इसके साथ ही किसान नेता गयाराम धाकड़ ने कहा कि कारखाने के पंजीयन को रद्द करके फॉर्म की जमीन को राजस्व विभाग को सौंपने जमीन को एमएसएमई को देने की कार्रवाई की जाती है. ये पूरी तरह अवैध एवं अनुचित है. धरना देने के बाद मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन दिया.
ये लोग धरने में रहे मौजूद
धरने में संघर्ष समिति के संयोजक पूर्व विधायक महेशदत्त मिश्रा, किसान मोर्चा के अध्यक्ष अशोक तिवारी, किसान नेता गयाराम धाकड़, ब्रजमोहन मर्रेया, ओमप्रकाश शर्मा बस्तौली, सुरेश उपाध्याय, मुकेश शुक्ला, ओमप्रकाश श्रीवास, शम्मा कुरैशी, रामहेत त्यागी, राजेश गुप्ता, नरेश गौश्वामी, रामकुमार श्रीवास, धर्मेंद्र सिकरवार, राजकुमार सिंहल, रामनरेश अवस्थी, राजकुमार सिकरवा,र राजकुमार धाकड़, हरिराम धाकड़, सरमन लाल धाकड़, ओमप्रकाश शाक्य, हरिराम धाकड़, मुरारीलाल, अमर, रशीद मोहम्मद, जगदीश राठौर, सुमेर धाकड़, वीरेंद्र धाकड़, दशरथ कुशवाहा, निजामुद्दीन खान, सतेंद्र सोलंकी, प्रमोद शर्मा, पवन कटारे, रामहेत जाटव, गोपाल धाकड़ समेत अन्य लोग मौजूद रहे.
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