इनपुट-मनोज शर्मा
Morena: जमीनी विवाद को लेकर मंगलवार को मुरैना में उस समय लोगों की नजरें थम गईं, जब लेपा गांव निवासी अरुण सिंह तोमर हाथ में आवेदन लेकर दंडवत देते हुए जनसुनवाई कक्ष तक पहुंच गया. युवक ने जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव के पैर पकड़कर कथित जमीन धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई.
दंडवत देते हुए जनसुनवाई में पहुंचा युवक
कलेक्टर की अनुपस्थिति में जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव जनसुनवाई कर रहे थे. इसी दौरान अरुण के दंडवत देते हुए जनसुनवाई स्थल तक पहुंचने की जानकारी मिलने पर सीईओ स्वयं जनसुनवाई हाल के गेट तक पहुंचे और युवक की शिकायत सुनी.
अरुण सिंह तोमर ने बताया कि उसने लेपा गांव में सर्वे क्रमांक 7(स), रकबा 0.4300 हेक्टेयर भूमि द्रोपती बेवा रामस्वरूप से रजिस्ट्री कराई थी. रजिस्ट्री के बाद जब वह जमीन का नामांतरण कराने तहसील पहुंचा तो उसे कथित तौर पर पता चला कि संबंधित खसरे में द्रोपती के साथ अनुराधा पत्नी मुकेश, होतम पुत्र महादेव तोमर, सुमन, रेनू, कुलदीप पुत्र मुकेश और आभा देवी पत्नी मुकेश जाटव के नाम भी दर्ज हैं.
पटवारियों से मिलीभगत
युवक का आरोप है कि रजिस्ट्री के बाद पटवारियों से मिलीभगत कर कथित रूप से कूटरचित तरीके से खसरे में अन्य लोगों के नाम दर्ज किए गए. अरुण ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में कार्रवाई की मांग की है.
नामांतरण अटका, लंबे समय से परेशान होने का दावा
फरियादी का कहना है कि कथित फर्जीवाड़े के चलते उसकी जमीन का नामांतरण नहीं हो पा रहा है और वह लंबे समय से प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहा है. अब दंडवत होकर जनसुनवाई में पहुंचकर उसने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और जल्द कार्रवाई की मांग की है.
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