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मिड-डे मील के बाद छात्र खुद धो रहे जूठे बर्तन, मुरैना में पानी पीने के लिए सड़क पार करने को मजबूर

In Morena, children are being made to wash used dishes after the mid-day meal.

मुरैना में मिड डे मील के बाद बच्चों से जूठे बर्तन धुलवाए जा रहे हैं.

Input- मनोज शर्मा

MP News: मध्य प्रदेश के मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद के पैतृक गांव बड़ागांव स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की गंभीर खामियां सामने आई हैं. विद्यालय परिसर में पानी की टंकी तो बनी हुई है, लेकिन उसमें पानी की आपूर्ति नहीं होने से बच्चों को पीने के पानी के लिए विद्यालय से बाहर जाना पड़ता है.

पीने के पानी के लिए सड़क पार करना पड़ता है

आलम ये है कि छात्र-छात्राओं को प्यास बुझाने के लिए करीब 200 मीटर दूर सड़क पार कर पानी लाना पड़ता है. वहीं मध्यान्ह भोजन करने के बाद बच्चों को अपने जूठे बर्तन धोने के लिए भी विद्यालय से बाहर जाना पड़ता है. इसके लिए वे सड़क पार कर पूर्व विधायक रविंद्र सिंह तोमर के कार्यालय परिसर में लगी पानी की टंकी तक पहुंचते हैं, जहां बर्तन साफ करने के बाद उन्हें वापस विद्यालय लेकर आते हैं. इस दौरान छोटे-छोटे बच्चों को व्यस्त सड़क पार करनी पड़ती है, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है.

जानकारी के अनुसार, मध्यान्ह भोजन योजना में भोजन बनाने और बर्तन साफ करने के लिए अलग-अलग महिला कर्मचारियों की व्यवस्था होने के बावजूद बच्चों से ही जूठे बर्तन साफ कराए जा रहे हैं. इससे योजना के संचालन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.

‘जिम्मेदारों को कोई चिंता नहीं है’

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सरकार विद्यालयों में बेहतर शिक्षा, स्वच्छता और सुरक्षित वातावरण देने के बड़े-बड़े दावे करती है, तब बच्चों से जूठे बर्तन धुलवाना और पानी के लिए सड़क पार करवाना बेहद चिंताजनक और शर्मनाक स्थिति है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी विद्यालयों का नियमित निरीक्षण नहीं करते, जिसके कारण ऐसी अव्यवस्थाएं लंबे समय से बनी हुई हैं.

ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन तथा शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यालय में तत्काल पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, मध्यान्ह भोजन योजना का नियमानुसार संचालन कराया जाए तथा बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें विद्यालय से बाहर जाकर पानी लाने और बर्तन धोने की मजबूरी से तत्काल राहत दिलाई जाए.

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