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पत्रकार से मारपीट, हिरासत में रखने पर HC सख्त, TI-SI पर गंभीर आरोपों की होगी जांच; मुरैना SP को 3 महीने में रिपोर्ट सौंपने के आदेश

Gwalior High Court (File Photo)

ग्वालयिर हाई कोर्ट(File Photo)

Input- मनोज शर्मा

MP News: ग्वालियर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अंबाह थाना क्षेत्र में पत्रकार के साथ कथित मारपीट, मोबाइल से वीडियो और फोटो डिलीट करने और अवैध हिरासत में रखने के मामले को गंभीरता से लिया है. कोर्ट ने मुरैना पुलिस अधीक्षक (एसपी) को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर तीन महीने के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.

मोबाइल पर वीडियो डिलीट करने और मारपीट का आरोप

मामला पत्रकार ओमकार गुर्जर से जुड़ा है. 28 मई 2026 को वे खबर कवरेज के दौरान अंबाह थाने पहुंचे थे. जहां थाना परिसर में चल रहे निर्माण कार्य में चंबल नदी से जब्त अवैध रेत के उपयोग का वीडियो बना रहे थे. आरोप है कि इसी दौरान एसआई प्रजाशील गौतम ने इसकी शिकायत थाना प्रभारी वीरेश कुशवाह से कर दी.

आरोप है कि थाना प्रभारी ने पत्रकार को कमरे में बुलाकर मोबाइल जब्त कर लिया, वीडियो और फोटो डिलीट कर दिए तथा बाद में उनके साथ मारपीट की. पत्रकार का यह भी आरोप है कि उन्हें गैरकानूनी तरीके से थाने में रोककर रखा गया.

SP को 3 महीने में रिपोर्ट देने के आदेश

याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए मुरैना एसपी को तीन माह के भीतर निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं. कोर्ट के इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है. मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.

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