Vistaar NEWS

इंदौर दूषित पानी मामले CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, अपर आयुक्त को हटाने के दिए निर्देश

CM Mohan Yadav

सीएम मोहन यादव

Indore Water Crisis: इंदौर दूषित पानी मामले में सीएम मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है. नगर निगम आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. प्रभारी अधीक्षक यंत्री से जल वितरण कार्य का प्रभार वापस ले लिया गया है.

सीएम मोहन यादव ने किया पोस्ट

सोशल मीडिया एक्स पर सीएम मोहन यादव ने पोस्ट करके लिखा कि आज सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की.

उन्होंने आगे लिखा कि नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी करने, अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए। इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए.

पहले भी हटाए गए अधिकारी

इससे पहले भी मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है. सीएम ने मंगलवार (30 दिसंबर) को जोनल अधिकारी जोन क्रमांक 4, सहायक यंत्री एवं प्रभारी सहायक यंत्री PHE को तत्काल प्रभाव से निलंबित एवं प्रभारी उपयंत्री PHE को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक करने के निर्देश दिए थे.

ये भी पढ़ें: MP News: इंदौर में दूषित पानी से मौत के मामले में हाई कोर्ट में तीसरी याचिका दाखिल, नगर निगम ने पेश की स्टेटस रिपोर्ट

हाई कोर्ट ने लगाई फटकार

इंदौर में दूषित पानी के मामले में शुक्रवार (2 जनवरी) को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई हुई. उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है. जस्टिस द्वारकाधीश बंसल और जस्टिस राजेंद्र कुमार वाणी ने मामले की सुनवाई करते हुए इसे गंभीर लापरवाही माना है. अदालत ने कहा कि लोग पानी की वजह से मर रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है. कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि लोगों को पेयजल मुहैया कराया जाए.

Exit mobile version