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Sonam Raghuvanshi Bail-Granted: ‘ये कोई छोटी गलती नहीं’, कोर्ट ने कहा- सोनम रघुवंशी पर पुलिस ने जो धारा लगाई वो BNS में ही नहीं, दे दी जमानत

Sonam Raghuvanshi bail news

सोनम रघुवंशी

Court Relief in Sonam Raghuvanshi Case: इंदौर का चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड एक बार फिर से सुर्खियों में है. इस मामले में करीब 11 महीने बाद अब सोनम रघुवंशी को कोर्ट द्वारा जमानत दे दी गई है. जमानत के आदेश के साथ कोर्ट ने जो टिप्पणियां की हैं, उन्होंने मामले को अलग ही मोड़ दे दिया है. कोर्ट की इन टिप्पणियों के बाद से जांच एजेंसियों और पुलिस की कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आइए जानते है कि कोर्ट ने आखिर क्या कहा?

कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को दी जमानत

अदालत ने अपने आदेश में सबसे बड़ी बात ये कही कि सोनम रघुवंशी की गिरफ्तारी से जुड़े सभी दस्तावेज गिरफ्तारी मेमो, निरीक्षण मेमो, अधिकारी की सूचना मेमो और केस डायरी इन सभी दस्तावेजों में जिस कानूनी धारा का उल्लेख किया गया है यानी कि जो धारा सोनम रघुवंशी पर लगाई गई है, वह अस्तित्व में नहीं है.

जो धारा लगाई गई वो है ही नहीं

बता दें कि पुलिस द्वारा कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों में सोनम रघुवंशी पर BNS धारा 403(1) लिखी गई थी. अदालत ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई धारा ही मौजूद नहीं है. कोर्ट ने इसे कोई छोटी-मोटी गलती नहीं माना बल्कि अदालत ने इसे गंभीर लिपिकीय त्रुटी से भी आगे माना है. कानून के मुताबक आरोपी को ये बताया जरूरी है कि उसे किस अपराध और किस धारा के तरह गिरफ्तार किया जा रहा है. लेकिन इस मामले में ये प्रक्रिया पूरी होती नहीं दिख रही है.

गिरफ्तारी मानी जाएगी अवैध-कोर्ट

हालांकि पुलिस की तरफ से इस मामले में दलील दी गई कि यह सिर्फ एक क्लेरिकल एरर यानी लिपिकीय गलती थी. लेकिन शिलांग की अदालत ने पुलिस की इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया. अदालत का मानना है कि ये कोई साधारण गलती नहीं बल्कि इससे आरोपी के मौलिक अधिकारों का हनन हुआ है. अदालत ने कहा है कि आरोपी को गिरफ्तारी के प्रभावी और वैध कारण नहीं बताए गए, इसलिए पूरी गिरफ्तारी प्रक्रिया ही अवैध मानी जाएगी.

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