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आलीराजपुर: धन्यवाद देने जनसुनवाई पहुंचे ग्रामीण, आदिवासी परंपरा से किया कलेक्टर का सम्मान, जानें पूरा मामला

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आलीराजपुर कलेक्टर का सम्मान

आलीराजपुर: आमतौर पर जनसुनवाई में लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंचते हैं, लेकिन मंगलवार को मध्य प्रदेश के आलीराजपुर कलेक्ट्रेट में एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली. यहां ग्राम गोलापलवी के भील फलिया के ग्रामीण शिकायत नहीं, बल्कि अपनी वर्षों पुरानी समस्या के समाधान के लिए कलेक्टर नीतू माथुर का आभार व्यक्त करने पहुंचे.

सोंडवा विकासखंड का मामला

मामला विकासखंड सोंडवा की ग्राम पंचायत अम्बाजा के ग्राम गोलापलवी स्थित भील फलिया का है. यहां रहने वाले केवसीय पिता अगरिया ने पिछली जनसुनवाई में पेयजल संकट को लेकर आवेदन दिया था. उन्होंने बताया था कि फलिया के 12 से 15 परिवार पिछले लगभग 10 वर्षों से गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं. ग्रामीणों को पीने के पानी और पशुओं के लिए पानी लाने हेतु करीब दो किलोमीटर दूर अम्बाजा गांव तक जाना पड़ता था.

कलेक्टर नीतू माथुर ने तत्काल लिया संज्ञान

शिकायत मिलने पर कलेक्टर नीतू माथुर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को समस्या के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए. प्रशासन की पहल पर भील फलिया में नया हैंडपंप स्वीकृत किया गया और उसका खनन कराया गया. हैंडपंप से पानी उपलब्ध होते ही ग्रामीणों की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या समाप्त हो गई.

समाधान से खुश ग्रामीण

समस्या के समाधान से खुश ग्रामीण मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे और कलेक्टर का पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के साथ सम्मान किया. ग्रामीणों ने उन्हें जनजातीय संस्कृति की प्रतीक सामग्री ‘चोमल’ और टोकरी भेंट की. इस दौरान पारंपरिक टोकरी सिर पर सजाकर उनका अभिनंदन किया गया, जिसने आदिवासी संस्कृति की अनूठी झलक पेश की.

ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से अपने फलिया में हैंडपंप की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया था.

जनसुनवाई में आवेदन देने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और अब उन्हें प्रतिदिन लंबी दूरी तय कर पानी लाने की मजबूरी से राहत मिल गई है.ग्रामीणों ने कहा, “कलेक्टर मैडम ने सिर्फ हमारी बात नहीं सुनी, बल्कि हमारी 10 साल पुरानी समस्या का समाधान भी कर दिखाया.”

इनपुट- मनीष अरोडा

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