Vistaar NEWS

Barwani: जमीन विवाद में बीच-बचाव करने गई महिला की लाठी से पीटकर हत्या, 2 आरोपी फरार

barwani

बड़वानी/ इमेज सोर्स-विस्तार न्यूज

रिपोर्ट-संजय राठौड़
Barwani News: बड़वानी जिले के सिलावद थाना क्षेत्र के कालाखेत नदी फलिया गांव में जमीन विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया. इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंची एक महिला की मौत हो गई. घटना के बाद दो आरोपी मौके से फरार हो गए हैं. फिलहाल सिलावद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.

यह है पूरा मामला

यह घटना बुधवार शाम करीब 7:30 बजे की है. मृतिका के पति भायसिंह ने बताया कि उनका परिवार वर्ष 2010 में डैम के डूब क्षेत्र में जमीन और मकान आने के कारण ग्राम पंचपुला से कालाखेत आकर बस गया था. आरोप है कि कुछ लोग लंबे समय से उनकी जमीन को लेकर विवाद कर रहे थे.बुधवार शाम भी इसी जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा बढ़ गया.

भायसिंह के अनुसार, जब आरोपी मनीष पिता नानसिंह जमरे (23 वर्ष) और राकेश पिता दिलदार जमरे (25 वर्ष) उनके बच्चों के साथ मारपीट कर रहे थे, तब उनकी पत्नी जाकली बाई बीच-बचाव करने पहुंचीं. आरोपियों ने जाकली बाई की छाती पर लाठी से वार कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

सिलावद थाना पुलिस मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही सिलावद थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा. गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है.सिलावद थाना प्रभारी रामकृष्ण लोवंशी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आपसी विवाद के चलते महिला की मृत्यु होना सामने आया है.

पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है. मामले में आरोपी मनीष पिता नानसिंह जमरे (23 वर्ष) और राकेश पिता दिलदार जमरे (25 वर्ष) घटना के बाद से फरार हैं. पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और जल्द गिरफ्तारी कर पूरे मामले का खुलासा करने की बात कही जा रही है.

दो आरोपी मौके से फरार

बताते चलें कि, घटना के बाद दो आरोपी मौके से फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुट गई है.पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी. जमीन विवाद में हुई इस महिला की मौत ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते विवादों और हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

ये भी पढ़ें:ब्राह्मणों के सहारे यूपी की सत्ता में वापसी की तैयारी! नई रणनीति से सपा कितना बदल पाएगी सियासी समीकरण?

Exit mobile version