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‘जरूरी नहीं लोग थाने तक आए, हम भी जनता तक पहुंच रहे’, खंडवा में DIG ने नशे के खिलाफ समीक्षा बैठक की

In Khandwa, DIG Simla Prasad held a review meeting with officials against drug abuse.

खंडवा में डीआईजी सिमाला प्रसाद ने नशे के खिलाफ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की.

Input- शेख शकील

MP News: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में निमाड़ रेंज की नवागत डीआईजी सिमाला प्रसाद, पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार पहुंची थीं. जहां सबसे पहले उन्होंने पुलिस के द्वारा चलाए जा रहे नशे से दूरी है जरूरी, अभियान में भागीदारी की. इस दौरान स्कूली बच्चों के द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया. इसके बाद डीआईजी के द्वारा वार्षिक अपराध समीक्षा बैठक ली गई. जिसमें सभी थानों में लंबित अपराधों की समीक्षा कर जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए. इसके साथ ही उन्होंने जिले की भौगोलिक और अन्य जानकारियां अधिकारियों से ली. साथ ही संवेदनशील जिला होने के चलते यहां मनाए जाने वाले आगामी त्योहारों को लेकर भी पुलिस के द्वारा की जा रही तैयारी पर उन्होंने चर्चा की.

‘नशे में इंद्रियां काम करना बंद कर देती हैं’

वहीं अपने खंडवा जिले के दौरे के बीच खरगोन रेंज की नवागत डीआईजी सिमाला प्रसाद ने मीडिया से चर्चा भी की. जिसमें उन्होंने माना की यदि हम नशे की चपेट में आते हैं, तो हमारी इंद्रियां काम करना बंद कर देती हैं, और फिर हमारा अपने शरीर पर कंट्रोल नहीं रह पाता, और हम अच्छे बुरे की समझ खो देते हैं. तो इसी के चलते नशे की गिरफ्त में आकर लोग किस तरह से अपराध को अंजाम देते हैं, इसको लेकर जागरूक करने का यह 15 दिवसीय प्रोग्राम नशे से दूरी का चलाया जा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि हाल ही में पुलिस के द्वारा सेफ क्लिक का अभियान भी चलाया गया था. जिसमें समय-समय पर लोगों को जागरूक किया गया कि किस तरह से किसी अनजान लिंक पर क्लिक कर उनकी जमा पूंजी किसी दूसरे के हाथ में जा सकती है, और इसको लेकर आम लोगों को जागरूक किया गया. साथ ही यदि किसी के साथ इस तरह की कोई अनहोनी घटना हो जाती है तब किस तरह से हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत शिकायत दर्ज कर पुलिस के साथ इस तरह की जानकारी साझा करने से इस तरह के अपराधों को रोका जा सकता है, इसको लेकर लोगों को जागरूक किया गया.

‘जरूरी नहीं जनता थाने तक पहुंचे, हम भी उन तक पहुंच रहे’

इसके साथ ही डीआईजी सिमाला प्रसाद ने बताया कि लोगों तक यह मैसेज जाना बहुत जरूरी है कि पुलिस उनकी सहायता के लिए सहजता और सरलता के साथ उपलब्ध है. ऐसा नहीं है कि जनता ही थाने तक पहुंचे. तभी उनकी समस्या का समाधान होगा. हम भी जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए आम लोगों तक पहुंचते हैं, तो इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए पुलिस के द्वारा आम लोगों तक कई तरह के संदेश पहुंचाये जाते हैं.

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