Indore: मध्य प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में गड़बड़ी की खबरें बीते कुछ महीनों से लगातार सामने आ रही है. इस बार मामला इंदौर का है. जहां 9 करोड़ रुपये की गड़बड़ी से न केवल सरकारी दफ्तरों की बदनामी हुई है बल्कि इस प्रशासनिक चूक ने एक एक बड़े रेलवे प्रोजेक्ट को भी बीच मझधार में में अटका दिया है. आइए जानते है क्या है पूरा मामला.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल रेलवे की तरफ से महू–मुर्शिदाबाद–बलवाड़ा रेल लाइन पर कटाई का काम के लिए 9 करोड़ रुपये का बजट पास किया था. लेकिन रेलवे अफसरों की लापरवाही से वह रकम इंदौर की जगह रतलाम के खाते में ट्रांसफर हो गई और फंड की बड़ी गड़बड़ी से विकास की रफ्तार पर ब्रेक लग गया. रेलवे अफसरों की लापरवाही ने इस परियोजना की मुश्किलें और बढ़ा दी है.
आखिर गलती किसकी है?
लेकिन सबसे बड़ा तो सवाल ये ही कि आखिर किसकी गलती से ये 9 करोड़ रुपये का फंड गलत जगह ट्रांसफर हुआ. क्या इस गड़बड़ी की जिम्मेदारी तय होगी. बता दें कि इंदौर वनमंडल के डीएफओ प्रदीप मिश्रा ने बताया कि महू-सनावद ब्राडगेज प्रोजेक्ट को लेकर इंदौर वनमंडल से सर्वे का काम पूरा हो चुका है. रिपोर्ट सीसीएफ कार्यालय को भेज दी. रेलवे लाइन बिछाने के लिए पेड़ों को काटा जाएगा. इन्हें चिह्नित कर लिया गया है.
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