मध्यप्रदेश के खंडवा में दशहरे के मौके पर कांग्रेस ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया. जिला कांग्रेस कमेटी शहर ने ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को रावण के रूप में दर्शाते हुए उनके पुतले का दहन किया. कांग्रेस ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोप लगाते हुए लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा की मांग की. इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए. वहीं, कांग्रेस की शहर अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने विरोध प्रदर्शन के पीछे की वजह बताते हुए तीखी टिप्पणी की.
कांग्रेस कमेटी शहर की ओर से विरोध प्रदर्शन आयोजित
खंडवा के गांधी भवन में दशहरे के अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी शहर की ओर से विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया. कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले को रावण के रूप में प्रस्तुत कर दहन किया. पार्टी ने इसे ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान का हिस्सा बताया. कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन के अनुसार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के मुद्दे को लेकर यह प्रदर्शन किया गया.
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की मजबूती का आधार हैं. पार्टी ने मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और प्रत्येक पात्र मतदाता के मताधिकार की रक्षा की मांग की. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों के जरिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित की जा रही है. हालांकि, ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं.
शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने पुतला दहन को लेकर कहा कि कांग्रेस का आरोप है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के माध्यम से मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां हुई हैं और लोकतंत्र के अधिकारों का हनन किया गया है. उन्होंने ज्ञानेश कुमार की तुलना रावण से करते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची के जरिए लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार किया गया है. कांग्रेस ने इसी के विरोध में पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया.
मतदाता सूची में नाम कटने के मुद्दे को भी उठाया
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के बाद मतदाता सूची में नाम कटने के मुद्दे को भी उठाया. उन्होंने मेघनाद और कुंभकर्ण का उदाहरण देते हुए तंज कसा कि यदि उनके नाम सूची से कट गए हैं, तो वे नाम जुड़वाने के लिए भटक रहे हैं. उन्होंने फॉर्म नंबर छह को नए मतदाताओं के पंजीकरण से जोड़ते हुए निर्वाचन सूची की प्रक्रिया पर सवाल उठाए. कांग्रेस ने संकेत दिया कि मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर उसका विरोध आगे भी जारी रह सकता है.
चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपना विरोध
दशहरे पर खंडवा में हुए इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया. कांग्रेस ने जहां लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा की मांग उठाई, वहीं मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लेकर की गई प्रतीकात्मक कार्रवाई राजनीतिक चर्चा का विषय बनी रही.
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