खंडवा पुलिस ने खोए हुए 22 लाख के मोबाइल बरामद किए, एक महीने में ‘ऑपरेशन सहयोग’ के तहत 123 फोन रिकवर
खंडवा में खोए हुए मोबाइल पाकर लोग खुश नजर आए.
Input- शेख शकील
MP News: पुलिस मुख्यालय मध्य प्रदेश द्वारा प्रदेश स्तर पर चलाये जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन सहयोग’ के तहत खंडवा पुलिस द्वारा लगातार तत्परता से कार्यवाही कर गुम हुए मोबाइल रिकवर कर मोबाइल धारक(आवेदक) को सुपुर्द किये जा रहे हैं.
इस क्रम मे पिछले एक माह मे सायबर सेल एवं समस्त थाना प्रभारी द्वारा समन्वय स्थापित कर कुल 123 मोबाईल कुल कीमती 22 लाख रूपये के अलग-अलग कंपनी के मोबाईल देश के विभिन्न राज्यों जैसे गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान एवं मध्यप्रदेश से कड़ी मेहनत कर अलग अलग टीमों द्वारा रिकवर किए गए.
मोबाइल धारकों को सुपुर्द किया गया
आज दिनांक 03.07.26 को पुलिस अधीक्षक महोदय अगम जैन द्वारा उक्त मोबाईल फोन मोबाइल धारक को कण्ट्रोल रूम खंडवा मे बुलाकर सुपुर्द किये गये सभी मोबाईल धारक अपना-अपना मोबाईल फोन वापस पाकर प्रसन्न होकर खंडवा पुलिस की तारीफ की.
उक्त मोबाइल फोन वर्ष 2023, 2024, 2025 मे गुम हुए थे कुछ मोबाईल वर्ष 2026 मे 20 से 25 दिन पूर्व गुम हुये मोबाईल फोन हैं.
इन थाना क्षेत्रों से रिकवर हुए मोबाइल
उक्त रिकवर किये गये मोबाईल में से थाना कोतवाली क्षेत्र के 12, थाना मोघटरोड क्षेत्र के 04, थाना पदमनगर क्षेत्र के 04, थाना छैगांव माखन क्षेत्र के 09, थाना जावर क्षेत्र का 01, थाना पिपलौद क्षेत्र के 05, थाना पंधाना क्षेत्र के 06, धनगांव क्षेत्र के 08, थाना नर्मदानगर क्षेत्र के 11, थाना मांधाता क्षेत्र के 16, थाना मून्दी क्षेत्र के 15, थाना हरसूद क्षेत्र के 10, थाना खालवा क्षेत्र के 18 और थाना किल्लौद क्षेत्र से 04 समेत कुल 123 मोबाईल फोन बरामद किए. जिनकी कुल कीमत 22 लाख रुपये बताई जा रही है.
उपस्थित आवेदकों एवं अन्य लोगों को वर्तमान में चल रहे सेफ क्लिक अभियान, सायबर अपराधों के बारे में जानकारी दी जाकर मोबाइल गुमने या मोबाइल संबंधी किसी भी जानकारी हेतु संचार साथी एप्प एवं CEIR पोर्टल का उपयोग किए जाने के संबंध में जानकारी दी गई.
2026 में 46 लाख के मोबाइल बरामद
खंडवा पुलिस द्वारा वर्ष 2026 मे अभी तक कुल 274 मोबाईल फोन, जिनकी कीमत 46 लाख रुपये है. मोबाइल रिकवर करते हुए मालिकों के सुपुर्द कर दिया.
उपरोक्त कार्रवाई में जिला सायबर सेल खण्डवा के प्रधान आरक्षक जितेन्द्र राठौर, विक्रम वर्मा, आरक्षक सुनील लाडगे, रामनरेश यादव, उदयसिंह राठौर, नरेन्द्र मुकाती एवं समस्त थाना पर तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारी की सराहनीय भूमिका रही.