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ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में सावन की तैयारियां तेज, 30 जुलाई से 26 अगस्त तक मंदिर में दर्शन की व्यवस्था में किया गया बदलाव

Preparations in full swing at Omkareshwar Jyotirlinga before Sawan.

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में सावन से पहले तैयारियां तेज.

Input- शेख शकील

MP News: खंडवा में देश के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक ओंकारेश्वर ममलेश्वर में सावन की तैयारियां शुरू हो गई हैं. यहां आने वाले दर्शनार्थियों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है. सावन में 30 जुलाई से 26 अगस्त तक ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन की व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा. बाबा ओंकारेश्वर को जल चढ़ाने आने वाले विशेष कावड़ियों को मंदिर में वीआईपी प्रोटोकॉल लाइन में प्रवेश दिया जाएगा, जबकि सामान्य श्रद्धालुओं को शुकदेव मुनि द्वार से प्रवेश दिया जाएगा.

गर्भगृह में दर्शन की व्यवस्था में पहली बार बदलाव

जिला प्रशासन द्वारा मंदिर के गर्भगृह में दर्शन की व्यवस्था में पहली बार बदलाव किया जा रहा है. नई व्यवस्था 25 जुलाई से लागू होगी. ओंकारेश्वर के साथ जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ममलेश्वर मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव कर रहा है. यहां भी प्रवेश की व्यवस्था के साथ दर्शन में लगने वाले ज्यादा समय को कम किया जाएगा. इसके साथ श्रावण मास शुरू होने से पहले झूला पुल पर बने मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय को ब्रह्मपुरी घाट पर शिफ्ट किया जाएगा. यहां पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शेड और स्मार्ट लॉकर बनाएंगे जाएंगे. चप्पल के लिए आधुनिक स्टैंड बनाया जाएगा.

3 अगस्त को सावन का पहला सोमवार

30 जुलाई से शुरू हो रहे सावन मास में कुल 4 सोमवार आ रहे हैं. जिसमें पहला सोमवार 3 अगस्त, दूसरा 10, तीसरा 17 और चौथा 24 अगस्त को आ रहा है. 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या, 15 अगस्त को हरियाली तीज, 17 अगस्त को नागपंचमी और 28 अगस्त को रक्षाबंधन का महापर्व है. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराज की चार सोमवार को महासवारी निकलेगी. ओंकारेश्वर मां नर्मदा के तट पर स्थित एक ज्योतिर्लिंग है जिसके दर्शन करने के लिए देश भर से श्रद्धालु आते हैं. 11 ज्योतिर्लिंग के दर्शन के पश्चात यदि ओंकारेश्वर के दर्शन नहीं किए तो दर्शन अधूरा माना जाता है.

प्रोटोकॉल से होगा मंदिर में प्रवेश

श्रावण मास में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान को जल अर्पण करने आने वाले कावड़ियों के लिए जिला प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है. कावड़ियों को वीआईपी प्रोटोकॉल लाइन से बिना रिस्ट बैंड के प्रवेश मिलेगा. कावड़ियों की सुविधा को देखते हुए उनके लिए झूला पुल के पास विशेष काउंटर भी सवारी मंदिर से कोटितीर्थ घाट पर पूजन के बाद नौका विहार करते हुए गोमुख घाट पहुंचेगी. यहां से बालवाड़ी, पुराना बस स्टैंड, जेपी चौक, बड़ चौक होते हुए मंदिर पहुंचेगी. तीसरे सोमवार को ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकार महाराज से मिलने मंदिर पहुंचेंगे. भादो के दूसरे सोमवार 14 सितंबर को भगवान ओंकारेश्वर की सवारी ओंकार पर्वत की परिक्रमा करेगी.ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में वीआईपी व प्रोटोकॉल गेट से कावड़ियों को प्रवेश दिया जाएगा. वहीं सामान्य श्रद्धालुओं को शुकदेव मुनिः मुनि द्वारा से प्रवेश और चांदी गेट से निकासी की व्यवस्था रहेगी. मंदिर में शुकदेव मुनि और लकड़ी के गेट को चौड़ा किया जा रहा है.

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