3 साल की मासूम को आवारा कुत्तों ने नोंचा, बच्ची को लगाए गए 40 टांके, धार में आवारा पशु लोगों के लिए बने जान का खतरा

डॉक्टर्स को बच्ची के चेहरे पर करीब 40 टांके लगाने पड़े और सर्जरी भी करनी पड़ी. लगातार हो रही कुत्ते काटने की घटना से आमजनों के काफी आक्रोश हैं लोग ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं.
The innocent child has been admitted to the hospital following a dog attack.

कुत्तों के हमले के बाद मासूम को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

Input- जफर अली

Dhar News: धार जिले के बगड़ी क्षेत्र के ग्राम बांग्ला में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. जिस उम्र में बच्चे हंसते-खेलते हुए अपना बचपन जीते हैं, उसी उम्र में तीन वर्षीय हितांशी को असहनीय दर्द से गुजरना पड़ा. घर के आंगन में खेल रही मासूम पर एक आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया और उसके चेहरे को बुरी तरह नोंच डाला.

घर के आंगन में खेल रही थी मासूम

बताया जा रहा है कि हितांशी पिता आनंद जाट, अपने घर के आंगन में घूम रही थी. परिवार के लोग रोज की तरह अपने काम में व्यस्त थे और मासूम खेलते हुए अपनी दुनिया में खोई हुई थी. तभी अचानक एक आवारा कुत्ता वहां पहुंचा और बच्ची के चेहरे पर झपट पड़ा. कुछ ही सेकंड में मासूम की किलकारियां दर्दभरी चीखों में बदल गईं. उसकी चीख सुनकर परिजन दौड़े और किसी तरह उसे बचाया.

बेटी को खून से लथपथ देखकर पिता आनंद जाट के पैरों तले जमीन खिसक गई. वे तुरंत उसे लेकर धार के एक निजी अस्पताल पहुंचे. यहां प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे इंदौर रेफर किया गया. धार के निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. मयंक महाजन ने बताया कि बच्ची के चेहरे पर गहरे घाव थे. प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए इंदौर भेजा गया.

मासूम के चेहरे पर लगाने पड़े 40 टांके

डॉक्टर्स को बच्ची के चेहरे पर करीब 40 टांके लगाने पड़े और सर्जरी भी करनी पड़ी. आनंद जाट कहते हैं कि जब उन्होंने अपनी बेटी का घायल चेहरा देखा तो उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े. हर पिता की तरह उनके मन में भी यही सवाल था कि आखिर उनकी मासूम बेटी की क्या गलती थी. आज भी परिवार उस भयावह पल को याद कर सिहर उठता है.

इस घटना के बाद बांग्ला गांव ही नहीं, पूरे बगड़ी क्षेत्र में डर और चिंता का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि, आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब छोटे बच्चों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है. लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जल्द ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि किसी और परिवार को इस दर्द से न गुजरना पड़े.

आवारा कुत्तों को लेकर लोगों में आक्रोश

3 साल की मासूम के चेहरे पर लगे घाव तो समय के साथ भर जाएंगे, लेकिन एक मासूम की चीखें और एक पिता की बेबसी शायद जिंदगी भर नहीं मिट पाएगी. जिले में लगातार हो रही कुत्ते काटने की घटना से आमजनों के काफी आक्रोश हैं लोग ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, अब देखना ये होगा कि इस घटना के बाद प्रशासन क्या एक्शन लेता हैं.

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