धार में एकलव्य स्कूल हॉस्टल में छात्रों की बेल्ट से पिटाई, सीनियर्स पर मारपीट का आरोप; मैनेजमेंट ने कही जांच की बात
एकलव्य स्कूल हॉस्टल में छात्रों की बेल्ट से पिटाई.
Input- जफर अली
MP News: धार जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, गरड़ावाद-लबरादा से छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है. जहां 12वीं कक्षा के चार छात्रों ने अपने ही सीनियर छात्रों पर बेल्ट से मारपीट करने का आरोप लगाया है. वहीं विद्यालय प्रबंधन इन आरोपों से इनकार करते हुए पूरे मामले की जांच की बात कह रहा है.
सीनियर छात्रों पर बेल्ट से मारपीट का आरोप
पीड़ित छात्र विशाल डावर के अनुसार, शनिवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे वह अपने पांच साथियों के साथ हॉस्टल से बाहर खाना खाने गए थे. सभी छात्र रात करीब दो बजे छात्रावास में वापस लौटे. आरोप है कि रविवार सुबह 12वीं कक्षा के कुछ सीनियर छात्रों ने उन्हें बुलाया और बेल्ट से मारपीट की. छात्रों का कहना है कि इतनी बुरी तरह पिटाई की कि उनकी पीठ पर चोट के निशान तक पड़ गए. उनका आरोप है कि बिना किसी उचित कारण के उनके साथ मारपीट की गई.
‘शिकायत के बाद जांच शुरू कर दी गई है’
वहीं दूसरी ओर विद्यालय प्रबंधन का पक्ष पूरी तरह अलग है. विद्यालय के प्रबंधक अमित सोनी ने बताया कि छात्रों की शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि संबंधित छह छात्र देर रात छात्रावास की खिड़की की जाली काटकर और दीवार फांदकर बाहर गए थे, जो विद्यालय के नियमों का गंभीर उल्लंघन है. इसी वजह से इन सभी छात्रों को ट्रांसफर सर्टिफिकेट यानी टीसी जारी कर विद्यालय से निष्कासित कर दिया गया है.
प्रबंधन का कहना है कि जिन छात्रों पर मारपीट के आरोप लगाए गए हैं, उन्हें भी विद्यालय से निष्कासित कर कुल छह छात्रों को निष्कासित कर दिया गया है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
‘छात्रों का हॉस्टल से बाहर जाना सुरक्षा में चूक’
विद्यालय प्रबंधक अमित सोनी ने यह भी स्वीकार किया कि छात्रों का इस तरह छात्रावास से बाहर निकल जाना सुरक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं चूक को दर्शाता है. हालांकि उन्होंने दावा किया कि छात्रावास में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं और वे परिसर में सीसीटीवी कैमरों की इंस्टालेशन करवा रहे हैं. ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि छात्र सुरक्षा व्यवस्था को पार कर बाहर कैसे चले गए.
वहीं हॉस्टल अधीक्षक संजीत राठी ने छात्रों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है. उनका कहना है कि किसी भी छात्र के साथ मारपीट नहीं हुई है और छात्र झूठे आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने दोहराया कि छात्र देर रात खिड़की की जाली काटकर और दीवार फांदकर बाहर गए थे, जो छात्रावास के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है.
‘जांच रिपोर्ट के बाद वास्तविक सच्चाई सामने आएगी’
फिलहाल मारपीट के आरोप, छात्रों के खिलाफ हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई और छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं. यदि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे, तो छात्र देर रात छात्रावास से बाहर कैसे निकल गए? और यदि छात्रों के आरोप सही हैं, तो छात्रावास के भीतर इस तरह की घटना कैसे हुई? इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. अब जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर इस पूरे मामले की वास्तविक सच्चाई क्या है.