मध्य प्रदेश के बालाघाट में हुई बच्चों की मौत मामले पर परिवहन एवं स्कूली शिक्षा मंत्री मध्य प्रदेश उदय प्रताप सिंह ने दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि बारिश में बच्चों की मौत बेहद दुखद है. बीते दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बैगा बाहुल्य ग्राम बोंदारी पहुंचे थे और मृतक बच्चों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये राहत राशि देने का ऐलान भी किया था. उन्होंने मलेरिया, मीजल्स संक्रमण और पोषण की समस्या से जूझ रहे परिवारों से मुलाकात की थी.
ये इलाका बहुत दर्गम हैं-स्कूली शिक्षा मंत्री
विस्तार न्यूज के शो ‘टॉक टाइम’ के होस्ट और ग्रुप एडिटर ब्रिजेश राजपूत से से बात करते हुए मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि बारिश में बच्चों की मौत दुखद है. सरकार ने गंभीरता से मामले को लिया है, अब तक चौबीस बच्चों की जान गई है. ये सारे गांव बहुत दुर्गम हैं जहां हर साल मौत होती थीं. लेकिन अब ये इलाके नक्सल मुक्त होने के कारण शहर तक ख़बरें आ रही हैं. बच्चों को अस्पताल लाया जा रहा है और उनका इलाज भी जारी है.
क्यों नहीं हो रही भर्ती, मंत्री ने दी जानकारी
72,000 पदों पर भर्तियों के लिए उन्होंने मंत्री ने कहा है कि एससी-एसटी का बैकलॉग लगातार चल रहा है और 72,000 में बैकलॉग को भी गिन लिया गया है. जबकि उनके पदों को आप सामान्य में नहीं भर सकते हैं. इसके लिए कोई नियम भी नहीं है और न्यायालय भी कहता है कि वे जब मिलेंगे तब भरा जाएगा, लेकिन उनकी जगह पर किसी दूसरे को नहीं भरा जाएगा. इसके अलावा ओबीसी रिजर्वेसन के लिए 13 प्रतिशत बचाकर रखा जाएगा. क्योंकि मामला कोर्ट में लंबित है. हम जल्द ही 18,000 पदों पर भर्तियां करने वाले हैं.
TET परीक्षा पर क्या बोले स्कूली शिक्षा मंत्री
TET परीक्षा को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि हम भी नहीं चाहते कि हमारे शिक्षक जो पुराने मापदंडो के आधार पर टीचर बने हैं. आज उनको क्यों टेस्ट देना. मैं भी उसके साथ हूं. हमने एक बार नहीं, बल्कि कई बार यह बात कही है. मध्य प्रदेश सरकार ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में एक पिटीशन भी दायर की है. लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि आपको इनके टेस्ट कराने ही हैं. कोर्ट की अवहेलना कौन कर सकता है?
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