छिंदवाड़ा के हर्रई निवासी एक युवक बलराम श्रीवास के साथ कुछ लोगों द्वारा जबरन मारपीट करने और मोबाइल छीनने का गंभीर मामला सामने आया है. ये घटना 18 अक्टूबर 2026 रविवार की बताई जा रही हैं. बलराम श्रीवास कांग्रेस पार्टी का कार्रकर्ता है और वह एक पार्टी बैठक के बाद वापस लौट रहा था. इसी दौरान उसके साथ मारपीट की घटना सामने आई है. अब इस मामले पर पूर्व कांग्रेस सांसद नकुलनाथ का एक बड़ा बयान सामने आया है.
आदिवासी भाइयों पर अत्याचार-नकुलनाथ
उन्होंने कहा कि कल कांग्रेस पार्टी के मेरे कार्यकर्ता बलराम के साथ अमरवाड़ा भाजपा विधायक कमलेश शाह के कर्मचारी नेमा एवं साथियों द्वारा विधायक निवास पर ले जाकर मारपीट किए जाने की घटना बेहद गंभीर और निंदनीय है. छिंदवाड़ा में इस तरह की घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं. साथ ही यह घटना जिले में हो रहे आदिवासी भाइयों पर अत्याचार के साथ पुलिस और प्रशासन पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है.
मैं पुलिस प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देता हूँ कि 72 घंटे के भीतर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए. अन्यथा इस मामले को मुख्यमंत्री और मध्यप्रदेश विधानसभा तक उठाया जाएगा.
सत्ता के अहंकार में बैठे लोग ये बात समझ लें…-नकुलनाथ
सत्ता के अहंकार में बैठे लोग यह बात अच्छी तरह समझ लें कि कांग्रेस का कोई भी कार्यकर्ता अकेला नहीं है. पार्टी के हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता के सम्मान, सुरक्षा और न्याय की लड़ाई में मैं स्वयं और कांग्रेस पार्टी के सभी साथी पूरी मजबूती से उसके साथ खड़े हैं. हम अन्याय के सामने झुकने वाले नहीं हैं. सत्ता का अहंकार हो या किसी भी तरह की गुंडागर्दी, उसका जवाब जरूरी दिया जाएगा. कार्यकर्ता का सम्मान सर्वोपरि है. न्याय मिलने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी.
कांग्रेस कार्यकर्ता ने लगाया आरोप
दरअसल कांग्रेस कार्यकर्ता के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है. हर्रई निवासी बलराम श्रीवास ने आरोप लगाया है कि उन्हें रास्ते से जबरन उठाकर महल के अंदर ले जाया गया, जहां उनका मोबाइल छीनकर मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई. मामले में पूर्व सांसद नकुलनाथ ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे से मुलाकात कर शिकायत सौंपी है. उन्होंने आरोपों की जांच कर एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
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