Jabalpur: शासकीय सेवा के दौरान पति की मृत्यु हो जाने के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही एक महिला पिछले कई वर्षों से अनुकप्पा नियुक्ति की उम्मीद में विभाग के चक्कर काट रही है. महिला की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण परिवार का भरण-पोषण कर पाना उसके लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है. उसने जिला अधिकारी को पत्र लिखते हुए कहा कि साहब कम से कम चपरासी की नौकरी ही दे दो. आइए जानते है क्या है पूरा मामला.
2018 में हो गई थी पति की मृत्यु
जानकारी के अनुसार संकुल केंद्र सकरा के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला मादों, कुंडम में अध्यापक संवर्ग के सहायक अध्यापक अनुप सिंह मरकाम पदस्थ थे. शासकीय सेवा में रहते हुए 21 जुलाई 2018 को उनका निधन हो गया था. शासकीय सेवा में रहते हुए 21 जुलाई 2018 को उनका निधन हो गया था. पति के मौत के बाद पत्नी शिववती के सामने परिवार को चलाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई.
शिक्षक पात्रता परीक्षा दी लेकिन…
उन्होंने आर्थिक तंगी को देखते हुए अनुकप्पा नियुक्ति के आवेदन दिया. शिववती मरकाम ने शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा भी दी, लेकिन वह परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सकीं. इसके चलते शिक्षक पद पर उनकी नियुक्ति का रास्ता ही बंद हो गया. वहीं परिवार की आर्थिक स्थिति भी लगातार खराब होती जा रही थी. उनके दो बच्चें बी है जिनकी जिम्मेदारी उठाना भी मुश्किल हो रहा था.
डीएम को लिखा पत्र
इसी परेशानी को लेकर उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को पत्र भेजकर अपनी स्थिति से अवगत कराया है. पत्र में उन्होंने विभाग से भावुक अपील करते हुए कहा है कि यदि शिक्षक पद के लिए वे पात्र नहीं हैं तो उन्हें चपरासी या ऑफिस अटेंडेंट पद पर ही अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान कर दी जाए, ताकि उन्हें रोजगार मिल सके और वे अपने बच्चों का भरण-पोषण सम्मानपूर्वक कर सकें.
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