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भाई की गिरफ्तारी पर फूटा जीतू पटवारी का गुस्सा, बोले- CM बदले की राजनीति बंद करें

नाना पटवारी और जीतू पटवारी

नाना पटवारी और जीतू पटवारी

Jitu Patwari Brother Nana Patwari: मध्य प्रदेश में इन दिनों कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को हिरासत में लिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. कांग्रेस ने इसे सीधे तौर पर बदले की कार्रवाई बताया है. कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई है. सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश को बदले की राजनीति का प्रदेश नहीं बनने देना चाहिए.

इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान जीतू पटवारी ने कहा कि उनके भाई का मौजूदा मामले से कोई लेना-देना नहीं है, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में लिया गया. उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के नेताओं और उनके परिवारों को निशाना बना रही है. पटवारी ने कहा कि कल सरकार ने साफ दिखा दिया कि सत्ता का इस्तेमाल किस तरह विरोधियों के खिलाफ किया जा सकता है.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनके भाई के खिलाफ पहले जो भी मामले दर्ज हुए थे, वे किसान आंदोलन से जुड़े थे. उन्होंने दावा किया कि उन मामलों का भी राजनीतिक पृष्ठभूमि से संबंध था और अब फिर से उसी तरह की कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि उनका परिवार किसी भी जांच से भाग नहीं रहा है. इसी वजह से वे खुद मीडिया के सामने आकर अपनी बात रख रहे हैं.

बदले की कार्रवाई बिल्कुल गलत- पटवारी

जीतू पटवारी ने अपने भाई के ड्रग्स से जुड़े पुराने विवाद पर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि उनके भाई ने स्वयं स्वीकार किया था कि वह पहले ड्रग्स का सेवन करता था. पटवारी ने इसे पारदर्शिता का उदाहरण बताते हुए कहा कि जब किसी व्यक्ति ने अपनी गलती सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर ली हो, तो उससे अधिक ईमानदारी और क्या हो सकती है. उन्होंने कहा कि पुराने व्यक्तिगत मामलों को आधार बनाकर राजनीतिक कार्रवाई करना उचित नहीं है.

विपक्ष को दबाने की हो रही कोशिश – जीतू

पटवारी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विपक्ष को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह की कार्रवाई से डरने वाली नहीं है और लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी. इसके साथ ही उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि कानून का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में नहीं होना चाहिए. 

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