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मध्य प्रदेश में 10 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू, पहले चरण में इन संभागों में किया जायगा गेहूं उपार्जन

मध्य प्रदेश में गेंहू की खरीद

मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में 10 अप्रैल 2026 से गेहूं की खरीद शुरू होने जा रही है. सरकार की तरफ से इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली गई है. समर्थन मूल्य पर गेंहू के उपार्जन से पहले बारदाने की उपलब्धता में आ रही कठिनायों का भी समाधान खोज लिया है. भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश को 50,000 जूट की गठाने का अतिरिक्त आवंटन जारी किया गया है.

जूट का बारदाना उपयोग करने की अनुमति

गेहूं उपार्जन के लिये HDP/PP बैग एवं एक भर्ती जूट के बारदाना का उपयोग करने की अनुमति भारत सरकार से एमपी को मिल गई है. इतना ही नहीं समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये बारदानों की उपलब्धता एवं अन्य व्यवस्थाओं हेतु भारत सरकार से निरंतर समीक्षा कर राज्य सरकार को सहयोग मिल रहा है.

अन्य संभागों में कब होगी खरीद?

गौरतलब है कि शेष संभागों में 15 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद की जाएगी. प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा रही है जो उपार्जन प्रारंभ होने के पहले ही पूर्ण कर ली जावेगी. सरकार का कहना है कि किसानों से गेहूं का उपार्जन निर्धारित समय सीमा में किया जाएगा.

गेहूं उपार्जन के लक्ष्य

जिला विशेष में गेहूं उपार्जन के लक्ष्य अनुसार भण्डारण क्षमता उपलब्ध न होने पर गोदाम की भण्डारण क्षमता का 120 प्रतिशत भण्डारण का प्रावधान संयुक्त भागीदारी योजना में किया गया है. भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत माह मार्च एवं अप्रैल, 2026 का एक साथ तथा माह मई एवं जून, 2026 का एक साथ खा‌द्यान्न का वितरण पात्र परिवारों को कराया जाएगा, जिससे लगभग 10 लाख मे. टन से अधिक रिक्त भण्डारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी.

400 लाख मीट्रिक टन क्षमता

मध्यप्रदेश में देश की सर्वाधिक कवर्ड भण्डारण क्षमता लगभग 400 लाख मीट्रिक टन क्षमता उपलब्ध है. वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु 19.04 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है. वहीं पिछले वर्ष से 3.60 लाख अधिक पंजीयन हुआ है. गेहूं का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर है जो कि विगत वर्ष से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है.

समर्थन मूल्य के साथ मिलेगा बोनस

मध्यप्रदेश सरकार किसान हितैषी सरकार के रूप में इस वर्ष किसानों को गेहूं के समर्थन मूल्य की राशि रू. 2585 प्रति क्विंटल दिए जाने के साथ साथ राशि रु. 40 प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस दे रही है. राजस्व विभाग द्वारा किसानों के पंजीकृत रकबे के सत्यापन का कार्य तीव्रगति से किया जा रहा है, इसके बाद किसानों की स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी.

पिछले साल कितनी हुई थी खरीदी

विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थिति के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है जो कि पिछले वर्ष से अधिक है.

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