Mauganj: न फूल माला, न सिंदूर फिर भी हुई 197 जोड़ों की शादी, रीति-रिवाजों की अनदेखी पर छिड़ा विवाद
सामूहिक विवाह की तस्वीर
Mauganj: मऊगंज जिले के नईगढ़ी में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह/निकाह योजना का आयोजन इस बार चर्चा और विवाद दोनों का केंद्र बन गया है. यहां एक ही मंच से 197 जोड़ो का विवाह संपन्न कराया गया, लेकिन आयोजन की व्यवस्थाओं ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
कार्यक्रम में रीति-रिवाजों की अनदेखी के आरोप सामने आए हैं. आचार्यों का कहना है कि विवाह स्थल पर न तो हवन कुंड की उचित बेदी थी, न ही सिंदूर, अक्षत, अगरबत्ती और फूलमाला जैसी आवश्यक धार्मिक सामग्री उपलब्ध कराई गई. ऐसे में विवाह की औपचारिकता तो पूरी कर दी गई, लेकिन परंपरागत रस्में अधूरी रह गईं.
भोजन पैकेट में कीड़े
इतना ही नहीं, भोजन पैकेट में कीड़े निकलने की शिकायत ने भी आयोजन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. उपस्थित लोगों और आचार्यों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि पूरा कार्यक्रम सिर्फ “कागजी और दिखावटी व्यवस्था” बनकर रह गया.
आचार्यों ने लगाया आरोप
इस बीच, आचार्यों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना को जिम्मेदारों की लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार ने प्रभावित किया है. उनका कहना है कि उपहार सामग्री जैसे कपड़े, बर्तन और अन्य सामान भी समय पर या गुणवत्तापूर्ण तरीके से उपलब्ध नहीं कराए गए.
कार्यक्रम में रीवा सांसद थे मौजूद
कार्यक्रम में रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा और मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति की मौजूदगी रही. इसी दौरान सांसद जनार्दन मिश्रा ने पूछे गए सवाल पर अनोखा जवाब देते हुए कहा कि “शादियों में फूफा अक्सर नाराज हो जाते हैं, उन्हें मनाना पड़ता है, जल्द ही बरहौ का निमंत्रण भी मिलेगा.” वहीं विधायक नरेंद्र प्रजापति ने कार्यक्रम के दौरान सोहर गीत गाकर माहौल को हल्का करने का प्रयास किया.
एसडीएम मऊगंज एपी द्विवेदी सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे. फिलहाल आचार्यों और प्रबंधन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे सामूहिक विवाह योजना की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं.
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