Dhar Bhojshala: मध्य प्रदेश में धार स्थित भोजशाला के धार्मिक स्वरूप के लेकर हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने अपना फैसला सुना दिया है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्यादेवी मंदिर माना है. आज यानी शुक्रवार को दिए फैसले में हाईकोर्ट ने कहा- हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है और इसके बाद फैसला सुनाया है. कोर्ट ने भोजशाला को मंदिर करार देते हुए यहां पूजा करने की अनुमति दे दी है. कोर्ट के इस फैसले पर धार के काजी वकार सादिक का बड़ा बयान सामने आया है.
भोजशाला पर वकार काजी का बड़ा बयान
धार भोजशाला मामले के फैसले पर धार शहर के काज़ी वकार सादिक ने कहा, “हम अपने खिलाफ दिए गए फैसले की समीक्षा करेंगे और हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे.” उन्होंने आगे कहा कि हाई कोर्ट के इस फैसले का हम स्वागत करते है, सलमान खुर्शीद साहब और शोभा मेनन ने तथ्य रखे थे.
#WATCH | Madhya Pradesh | On Dhar Bhojshala case verdict, Dhar Shahar Qazi Waqar Sadiq says, "We will review the decision that has been given against us. We will challenge the verdict in the Supreme Court…" pic.twitter.com/XIR7gPEWkQ
— ANI (@ANI) May 15, 2026
बता दें कि हाई कोर्ट के फैसले के बाद फिलहाल भोजशाला के मेन गेट पर बैरिकेड्स लगाकर इसे बंद कर दिया गया है. भोजशाला के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की हिंसा न हो सके.
कोर्ट ने अपने फैसले के दौरान क्या कहा?
हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है, इस फैसले के समय एआई एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ आयोध्या मामले को भी आधार माना है. कोर्ट ने आगे कहा कि ऐतिहासिक और संरक्षित जगह देवी सरस्वती का मंदिर है. केंद्र सरकार और ASI यह फैसला लें कि भोजशाला मंदिर का मैनेजमेंट कैसा रहेगा. 1958 एक्ट के तहत इस प्रॉपर्टी का पूरा मैनेजमेंट ASI के हाथ में ही रहेगा.
आरिफ मसूद का बड़ा बयान
भोजशाला फैसले पर विधायक आरिफ मसूद का भी बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि हाई कोर्ट के फैसले को अब हम सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करेंगे. सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा हमारे लिए खुला है. ASI की रिपोर्ट पर पहले से ही आशंका थी, एएसआई द्वारा गलत रिपोर्ट पेश की गई है. मामले में पीटीशनरों से बात हो गई है. उन्होंने मुस्लिम पक्ष के लोगों से की अपील की है आरिफ मसूद ने कहा है कि शांति बनाए रखें, सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना बाकी है.
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