‘संत सुरक्षा नीति बने,’ रीवा में दो साध्वियों की मौत के बाद मुनि प्रमाण सागर ने उठाई मांग
मुनि प्रमाण सागर जी महाराज
Sant Safety Policy: रीवा में सड़क हादसे में दो साध्वियों की मौत हो गई थी, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हैं. जिनका इलाज जारी है. दो साध्वियों की मौत के बाद जैन समाज प्रशासन पर काफी नाराज हुआ और सोमवार को देशभर में मौन जुलूस निकाला. इस दौरान मामले की उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की. मुनि प्रमाण सागर जी महाराज ने संत सुरक्षा नीति की मांग की है.
बता दें, जैन समाज की तीन साध्वियां 20 मई को रीवा कलेक्ट्रेट के सामने दोपहर के वक्त पैदल भ्रमण कर रही थीं. इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार ने जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी तेज थी कि पूज्य श्रुति मति माता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. जबकि उपसमिति माता और साध्वी आर्यिका माता गंभीर रूप से घायल हो गईं. उपसमिति माता ने भी इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया. वहीं साध्वी आर्यिका माता का फिलहाल, गंभीर हालत में इलाज जारी है. इस घटना के बाद जैन समाज में काफी आक्रोश व्याप्त है.
राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति की उठाई मांग
सोमवार, 25 मई को जैन समाज ने पूरे देश में मौन जुलूस निकाला था. इस दौरान मुनि प्रमाण सागर जी महाराज के सानिध्य में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था. उन्होंने देशव्यापी मौन जुलूस निकालकर राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान व शासन प्रशासन को जगाने का आह्वान किया था. अब उन्होंने मौन जुलूस निकालते हुए राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति लागू करने की मांग की है.
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मुनि प्रमाण सागर ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सरकार को इस घटना से अवगत कराया और राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान के तहत अहिंसा के पथिक को प्रोटोकॉल देने की मांग की गई है. इसके साथ ही साधु संत के पैदल चलने के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग, ट्रैफिक व्यवस्था, चेतावनी के संकेत के साथ-साथ राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने की मांग की है.